कैथून वालों को 18 किमी आना पड़ेगा
कोटा नगर निगम सीमा में शामिल होने के बाद नगर निगम संबंधी कार्यों के लिए कैथून कस्बा समेत मौजूदा नगरपालिका क्षेत्र के लोगों को अब कोटा नगर निगम तक आना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें 18 से 23 किमी का फेरा लगाना होगा।राजस्थान की 12 नगर पालिका रद्द, फिर बनी ग्राम पंचायत; जानें कौन-कौनसी?
नहीं बदलेगी विधानसभा क्षेत्र और थानों की सीमा
निगम के लिए किए गए परिसीमन में विधानसभा क्षेत्रों से लेकर थाना क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है। परिसीमन में वार्डों का गठन इस प्रकार किया गया है कि किसी भी वार्ड की सीमा विधानसभा क्षेत्र के अनुसार नहीं बदली है। थाना क्षेत्र की सीमा का भी प्रस्तावित परिसीमन में पूरा ध्यान रखा गया है।सबसे अधिक वार्ड कोटा दक्षिण में, सबसे कम रामगंजमंडी के
कोटा नगर निगम के लिए किए गए परिसीमन में सबसे अधिक वार्ड कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के है। कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के दायरे में कुल 41 वार्ड है। इसके बाद कोटा उत्तर विस क्षेत्र के दायरे में 34 वार्ड है। इसमें कैथून नगरपालिका क्षेत्र के तीन वार्ड भी शामिल हैं। वहीं लाडपुरा विस क्षेत्र में 19 वार्डों को शुमार किया गया है। नगर निगम में सबसे कम रामगंजमंडी विस क्षेत्र के 6 वार्ड होंगे।इन क्षेत्रों की जनसंख्या में आया बड़ा परिवर्तन
बोरखेड़ा, सुभाष नगर, कुन्हाड़ी, बालिता, आंवली-रोजड़ी और अनंतपुरा में जनसंख्या सबसे अधिक बढ़ी है। ऐसे में यहां 2011 की जनसंख्या के अनुसार वार्ड में जनसंख्या तो कम नजर आ रही है, लेकिन वर्तमान में यहां दोगुना या उससे अधिक जनसंख्या है।निगम का सियासी गणित
कोटा में वर्तमान में दो निगम है। चुनाव के वक्त दोनों नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड और कांग्रेस के ही महापौर थे। वर्तमान में कोटा उत्तर निगम में कांग्रेस का ही बोर्ड है और महापौर भी कांग्रेस की है, लेकिन कोटा दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल लोकसभा चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस कारण इस निगम में महापौर भाजपा के हो गए। एक दर्जन पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गए थे। प्रदेश में कोटा दक्षिण निगम एकमात्र ऐसा निगम है जहां सत्ता पक्ष के ही महापौर व प्रतिपक्ष नेता है। वर्तमान में कोटा दक्षिण निगम में 80 और कोटा उत्तर निगम में कुल 70 वार्ड है। कैथून में डेढ़ दशक से कांग्रेस का ही बोर्ड बनता आ रहा है।राजस्थान में PKC-ERCP के तहत यहां बनेगा बांध! 35 गांव होंगे खाली; बीसलपुर से डेढ़ गुना ज्यादा होगी क्षमता
5 बड़ी विसंगतियां
- 2025 में किए गए परिसीमन में 2011 की जनसंख्या ली गई है।
- वार्डों की जनसंख्या का समानुपात नहीं किया गया।
- नए क्षेत्र के वार्डों का दायरा क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी बड़ा कर दिया।
- जो गांव निगम क्षेत्र में शामिल किए गए, उनका क्षेत्रफल काफी बड़ा कर दिया। जबकि वहां विकास की ज्यादा दरकार है। वहां छोटे वार्ड बनाने चाहिए थे।
- कई वार्ड की सीमाएं तीन थानों में बंट गई है।
किस विधानसभा क्षेत्र में होंगे कौनसे वार्ड
कोटा दक्षिण : वार्ड संख्या 23 से 26, वार्ड संख्या51 से 56, वार्ड संख्या 58 से 66, वार्ड संख्या 79 से 100 तक होंगे।