Kathauta Lake Water Crisis: लखनऊ में जल संकट का खतरा: 18 अप्रैल से 45 दिन बंद रहेगी शारदा नहर की आपूर्ति
Water Crisis in Lucknow: लखनऊ की कठौता झील की सफाई के कारण 18 अप्रैल से शारदा नहर की जल आपूर्ति 45 दिनों के लिए बंद रहेगी। इससे इंदिरानगर, गोमतीनगर, चिनहट और आसपास के इलाकों में जल संकट गहरा सकता है। जल संस्थान ने पानी की कमी से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।
Kathuta Lake Water Crisis Lucknow : लखनऊ के प्रमुख जल स्रोतों में से एक कठौता झील की सफाई के लिए सिंचाई विभाग ने 18 अप्रैल से शारदा नहर से पानी की आपूर्ति 45 दिनों तक बंद करने का निर्णय लिया है। इससे इंदिरा नगर, गोमती नगर, गोमतीनगर विस्तार और चिनहट जैसे क्षेत्रों में जल संकट की संभावना बढ़ गई है, जहां लगभग 10 लाख लोग निवास करते है।
सिंचाई विभाग ने जल संस्थान को सूचित किया है कि शारदा नहर की सफाई और मरम्मत के कारण कठौता झील में पानी की आपूर्ति 18 अप्रैल से 45 दिनों तक बंद रहेगी। इससे प्रभावित क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होगा।
जल संस्थान की तैयारी
जल संस्थान ने संभावित जल संकट से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। संस्थान वैकल्पिक जल स्रोतों की तलाश कर रहा है और जल आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे पानी का संयमपूर्वक उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें।
कठौता झील से इंदिरानगर, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार और चिनहट क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति होती है। इन क्षेत्रों में लगभग 10 लाख लोग निवास करते हैं, जो इस जल आपूर्ति बंदी से प्रभावित हो सकते हैं। पिछले अनुभवों के आधार पर, जब भी शारदा नहर की सफाई के लिए पानी की आपूर्ति बंद की गई है, इन क्षेत्रों में जल संकट उत्पन्न हुआ है।
नागरिकों के लिए सुझाव
पानी का संयमित उपयोग करें: जल संकट के दौरान पानी की बर्बादी से बचें और आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें।
वैकल्पिक जल स्रोतों का उपयोग करें: संभव हो तो वैकल्पिक जल स्रोतों जैसे ट्यूबवेल या निजी बोरवेल का उपयोग करें।
जल संस्थान के निर्देशों का पालन करें: जल आपूर्ति से संबंधित किसी भी सूचना या निर्देश के लिए जल संस्थान के संपर्क में रहें और उनके निर्देशों का पालन करें।
कठौता झील की सफाई के लिए शारदा नहर से पानी की आपूर्ति 18 अप्रैल से 45 दिनों तक बंद रहने से लखनऊ के कई क्षेत्रों में जल संकट की संभावना है। जल संस्थान और सिंचाई विभाग इस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं, लेकिन नागरिकों का सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पानी का संयमित उपयोग और जागरूकता से हम इस संकट का सामना कर सकते हैं।