विधेयक पर चर्चा के दौरान हुआ दिलचस्प मोड़
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाए और भाजपा पर तीखे तंज कसे। जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ी, उन्होंने अपने भाषण के दौरान एक घटना का जिक्र किया, जिससे सदन में हलचल मच गई। उनके इस बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनकी तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
हनुमान जी का उल्लेख करते हुए सुनाया किस्सा
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम का उल्लेख किया, जिसमें धार्मिक आयोजन की भव्य तैयारियां की गई थीं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से मुंबई से कलाकारों को बुलाया गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कलाकारों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता का रूप धारण किया था। उसी दौरान एक कलाकार ने भगवान हनुमान का भेष भी धारण किया। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि वहां शायद हनुमान जी इसलिए नहीं थे क्योंकि शायद उनकी जाति और धर्म कुछ और था। अखिलेश यादव ने आगे कहा, ये देश मिली जुली संस्कृति से बना है। अखिलेश यादव ने इस घटना को भाजपा पर तंज कसने के लिए इस्तेमाल किया और कहा कि धार्मिक आयोजनों में भव्यता दिखाने के नाम पर दिखावे को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए किया सवाल
अखिलेश यादव ने अपने बयान में भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म और आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उनके इस बयान के बाद लोकसभा में माहौल गर्मा गया। गृह मंत्री अमित शाह ने अखिलेश यादव के तंज का जवाब दिया और कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत फैसले लेती है। इस दौरान सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई।