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मंडला

बंद के बावजूद जारी शराब की बिक्री, पान के ठेले से हो रहा अवैध कारोबार

Liqour Ban: मध्य प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से प्रदेश के 19 धार्मिक नगरीय निकायों में शराब विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके तहत इन क्षेत्रों की लाइसेंसी शराब दुकानों को बंद कर दिया गया है।

मंडलाApr 02, 2025 / 03:15 pm

Akash Dewani

Liqour Ban: मध्य प्रदेश की मंडला नगर पालिका मंडला धार्मिक नगरी के दायरे में आती है। यहां पहले से ही शराब बिक्री पर रोक लगी हुई है। साल 2017 में नर्मदा तट से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके कारण मंडला और महाराजपुर क्षेत्र की छह दुकानें बंद कर दी गई थीं। हालांकि, इसके बावजूद अवैध शराब का धंधा आज भी बेरोकटोक जारी है।

1635 अवैध शराब के प्रकरण दर्ज

पुलिस व आबकारी विभाग मिलकर भी अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा सके हैं। बीते सत्र में पुलिस ने 1635 शराब से जुड़े प्रकरण दर्ज किए थे। कोतवाली और महाराजपुर क्षेत्र में शराब विक्रय पर प्रतिबंध के बावजूद अवैध कारोबार नहीं रुक रहा है। वर्ष 2024 में कोतवाली क्षेत्र में 299 और महाराजपुर थाने में 257 मामले दर्ज किए गए।

सुपर मार्केट अवैध शराब बिक्री का अड्डा

शहर के सुपर मार्केट क्षेत्र में शराब के अवैध विक्रय के लिए कई होटल और पान ठेले प्रमुख स्थान बने हुए हैं। यहां करीब एक दर्जन होटलों में बैठाकर शराब परोसी जाती है, वहीं कुछ होटल केवल शराब बिक्री के लिए ही संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर दबिश तो देते हैं, लेकिन हर बार उन्हें कुछ ही लीटर शराब बरामद हो पाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रतिदिन बड़ी मात्रा में इस क्षेत्र में शराब बेची जाती है।
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आबकारी विभाग ने 10 हजार लीटर शराब जब्त की

आबकारी विभाग अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के बीच जिले भर में अवैध शराब के 1613 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 10 हजार लीटर से अधिक देशी, कच्ची, विदेशी शराब और बीयर जब्त की गई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में महुआ लाहन भी जब्त किया गया है।

कच्ची शराब का बढ़ता कारोबार

शहर और ग्रामीण अंचलों में चोरी-छिपे कच्ची शराब का निर्माण जोरों पर है। नहर, नदी, जंगलों और अन्य दुर्गम स्थानों पर भट्टियां जलाकर शराब बनाई जा रही है। अधिकारी इसे रोकने में पूरी तरह असमर्थ दिख रहे हैं। आदिवासी क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से शराब बनाने और पीने की प्रवृत्ति के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है। कई बार आबकारी विभाग बड़ी मात्रा में शराब और लाहन जब्त करता है, लेकिन शराब कारोबारी अक्सर कार्रवाई के पहले ही फरार हो जाते हैं।

शहर के प्रमुख इलाकों में अवैध शराब की बिक्री

मंडला के बिंझिया, लालीपुर, संजय नगर, शांतिनगर, स्वामी सीताराम वार्ड, सिंहवाहनी वार्ड और फूलवाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है। इन क्षेत्रों में कच्ची शराब के साथ-साथ अंग्रेजी शराब की भी अवैध रूप से आपूर्ति की जा रही है।
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आबकारी विभाग की चुनौतियां

  • स्टाफ की कमी
  • आदिवासी परंपरा में शराब का स्थान
  • सीमित संख्या में शराब ठेके
  • शराब की लत में बढ़ोतरी
  • कच्ची शराब की बढ़ती मांग
  • महिला स्टाफ की कमी

आबकारी विभाग की कार्रवाई (अप्रैल 2024 से फरवरी 2025)

  • दर्ज प्रकरण: 1613
  • जब्त महुआ लाहन: 86,825 किलो
  • जब्त देशी व कच्ची शराब: 8,955.84 लीटर
  • जब्त विदेशी मदिरा: 1,116.82 लीटर

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

जिला आबकारी अधिकारी रामजी पाण्डेय ने बताया कि ‘नगर पालिका क्षेत्र में शराब पर प्रतिबंध पहले से ही लागू है। समय-समय पर अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाती रही है और यह आगे भी जारी रहेगी। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सख्ती से अभियान चलाया जाएगा।’

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