राणा सांगा के सम्मान में एकजुट हुआ क्षत्रिय समाज
धरने की अध्यक्षता वरिष्ठ डॉ. संजय सिंह ने की। सभी वक्ताओं ने एकमत होकर इस अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की और भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तैयार किया।सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में क्षत्रिय समाज ने सपा सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ज़ोर दिया जिसमें सांसद को राज्यसभा सदस्यता से तत्काल बर्खास्त किया जाए। भारत के वीर महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी मर्यादाहीन टिप्पणी करने का साहस न कर सके। सपा सांसद के विरुद्ध राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। अन्यथा पूरा क्षत्रिय समाज उनकी पार्टी के खिलाफ धीरे-धीरे एक राय होकर, जगह-जगह बैठकर संपर्क कर विरोध प्रदर्शन कर गांव गांव तक पहुंचेगा।प्रदर्शन में गरजे वक्ता, सांसद पर फूटा आक्रोश
इस धरना प्रदर्शन में प्रमुख वक्ताओं जयप्रकाश सिंह, जगरनाथ सिंह, अशोक सिंह, संतोष कुमार सिंह, राष्ट्र कुँवर सिंह, देवेन्द्र सिंह, प्रह्लाद सिंह, उमाशंकर सिंह, नागेंद्र सिंह तोमर, कृपा शंकर सिंह सिसौदिया और शैलेन्द्र सिंह ‘पिंटू’ ने अपनी बात रखते हुए सांसद की बयानबाजी की कड़ी आलोचना की। सभी ने एक स्वर में कहा कि राणा सांगा केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और गौरव के प्रतीक हैं, उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने का कोई अधिकार किसी को नहीं है।धरने का सफल संचालन और संयोजन
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन पुरुषार्थ सिंह ने किया, जबकि आयोजन के संयोजक विजय प्रताप सिंह रहे। प्रदर्शन के दौरान क्षत्रिय समाज के पांच हजार के उपर लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और राणा सांगा के सम्मान में रैली निकाला नारे लगाए।क्षत्रिय समाज की हुंकार –
“राणा सांगा का अपमान नहीं सहेंगे!”“राणा सांगा अमर रहें!”
“क्षत्रिय एकता जिंदाबाद!” क्षत्रिय समाज ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास और वीर महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष करेंगे। यदि जल्द ही सरकार और संबंधित प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।