मामले के अनुसार ट्रैक के नजदीक मिले पासपोर्ट पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रेहमयार खान निवासी एक नाबालिग के नाम के हैं। जिसके पिता परिवार सहित जोधपुर में रहते हैं। बालिका के पिता व उसकी दादी को भारतीय नागरिकता भी मिल गई है। मूंडवा पहुंचे परिजनों ने बताया कि बच्चों की नागरिकता के लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
वहीं दूसरी ओर इंटिलेजेंस के अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग बालिका के पासपोर्ट की वैद्यता आगामी दो सालों तक है। पाकिस्तानी दस्तावेज मिलने के बाद जिला मुख्यालय से इंटिलिजेंस के अधिकारी, मूण्डवा पुलिस उपधीक्षक गोपालसिंह ढाका, मूंडवा पुलिस थाने से एएसआई सोहनलाल, जीआरपी के मेड़तारोड़ थाने के एएसआई मनोहरसिंह, सिपाही राजेन्द्र विश्नोई सहित मूण्डवा पुलिस थाने का जाब्ता भी मौके पर पहुंचा।
मौके पर काफी दूर तक छानबीन की गई। इस दौरान तीन डायरीनुमा पाकिस्तानी दस्तावेज मिले। जिनमें दो पासपोर्ट व एक वीजा बताया जा रहा है। इसके अलावा चुन्नी के साथ बीस व पचास रुपए का नोट, सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री, अंक तालिका, आधार कार्ड की फोटो कॉपी व अन्य कागज भी बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार नाबालिग बालिका बुधवार को दोपहर बाद बिना बताए घर से निकल गई थी। यात्रा करते समय जम्मू तवी रेल में जोधपुर से नागौर की तरफ यात्रा करते समय टीटी ने बिना टिकट यात्रा करते पाया। पूछा तो बालिका के पास पैसे भी नहीं थे तथा रोने लगी। टीटी ने ही उसे ठीक से पूछने पर पिता के मोबाइल नबर बताए जिस पर बात करवाई।
पिता ने उसे नागौर रेलवे स्टेशन पर उतारने को कहा, जिसके बाद उसे नागौर ही उतार दिया गया। परिजन रात्रि में उसे लेकर जोधपुर लौट गए। इधर परिजनों को सुबह पता चला कि दस्तावेज नहीं हैं तो वह ढ़ंढने के लिए नागौर आ गए। नागौर से पैदल ही ट्रैक को चैक करते-करते ढ़ढीवास तक पहुंचे तब तक पुलिस का फोन पहुंच गया।
थानाधिकारी सुमन बुंदेला ने बताया कि 38 पुलिस एक्ट में लावारिस सामग्री जब्त की गई है। बालिका घर से बिना बताए क्यों निकली, कहां जा रही थी, दस्तावेज फैंके या गिरे सहित कई ऐसे प्रश्न हैं जो जांच का विषय है। इसके अलावा पाक नागरिक तथा नाबालिग बालिका होने के कारण इंटिलिजेंस ब्यूरो हर एंगल से जांच में जुटा है।