यह अगले महीने तक फाइनल हो जाएगी। वहीं तिलवारा से लहेटा होते हुए भेड़ाघाट तक के हिस्से में नर्मदा रिवर फ्रंट के निर्माण के लिए विभिन्न संस्थाओं ने प्रस्ताव प्रदेश शासन को भेजा है, जिससे लहेटा होते हुए संगमरमरी वादियों में भेड़ाघाट तक सभी घाटों को संवारा जा सके।
ये है रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट
2018 में बनी योजना 14 किमी बनना था रिवर फ्रंट 9.5 किमी के लिए डीपीआर 4.5 किमी पर निर्णय होना बाकी 30 मीटर चौड़ाई की होगी सड़क 300 मीटर दूर नर्मदा से निर्माण का प्रावधान 2386 एकड़ सरकारी जमीन में होना था निर्माण 07 गांव की जमीन आएगी दायरे में 01 हजार करोड़ के लगभग प्रोजेक्ट के लिए की गई मांग
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20 मिनट में तय होगी दूरी
रिवर फ्रंट बनने से जमतरा से भेड़ाघाट तक 15 से 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। प्रोजेक्ट के तहत अविकसित घाट संवारे जाएंगे। विकसित घाटों को नए सिरे से बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार नर्मदा रिवर फ्रंट के आकार लेने पर महाकाल लोक, अयोध्या की तर्ज पर जबलपुर भी पर्यटन का बड़ा केन्द्र बनेगा। तटवर्ती पौराणिक स्थल एक परिपथ में आ जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन व तीर्थ यात्रा की राह सुगम होगी।