इन नेताओं पर लगाया आरोप
विनय सोमैया ने सुसाइड नोट में कांग्रेस पदाधिकारी तेनीरा महेना, विधायक एएस पोन्नन्ना और अन्य पर उत्पीड़न और एक मामले में झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार सोमैया व्हाट्सएप ग्रुप “कोडागिना समसयेगलु” के एडमिन थे।
सोशल मीडिया पर की थी विवादित पोस्ट
पुलिस ने मुताबिक व्हाट्सएप ग्रुप में कांग्रेस विधायक और कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया के कानूनी सलाहकार एएस पोन्नाना के खिलाफ एक विवादित पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में पोन्नाना की पारंपरिक कोडवा पोशाक में शौचालय के साथ एक संपादित तस्वीर थी, जिसके साथ आपत्तिजनक संदेश भी लिखा था।
पुलिस ने की एफआईआर दर्ज
बता दें कि यह पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस ने ग्रुप एडमिन और पोस्ट शेयर करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस ने विनय सोमैया को आरोपी नंबर तीन बनाया गया और उसे गिरफ्तार किया गया। हालांकि बाद में जमनात पर रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस नेताओं पर पुलिस पर उत्पीड़न का लगाया आरोप
सुसाइड नोट में विनय सोमैया ने कांग्रेस नेताओं पर पुलिस द्वारा उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सुसाइड लेटर में लिखा कि पिछले दो महीनों से अपने दिमाग पर काबू नहीं रख पा रहा हूं। एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट शेयर की थी। इसके लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया गया। मेरे खिलाफ़ राजनीति से प्रेरित एक एफआईआर दर्ज की गई और मुझे समाज में एक बदमाश करार दिया गया। तेनीरा महेना, जिसने राजनीतिक द्वेष के कारण मेरे जीवन के साथ खेला, मेरी मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। बीजेपी से पत्र में की ये मांग
वहीं सुसाइड नोट में विनय सोमैया ने माफी मांगी। इसके अलावा कर्नाटक बीजेपी इकाई से उनके परिवार की सामाजिक और आर्थिक रूप से मदद करने की अपील की। वहीं इस मामले की कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने डीसीपी स्तर की जांच का वादा किया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।