मणिपुर: अवैध हथियार सौंपे जाने के बीच मैतेई धार्मिक स्थल पर उग्रवादियों ने की गोलीबारी, मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल मौजूद
Manipur: अधिकारी ने कहा शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे श्रद्धालुओं का एक समूह भारी सुरक्षा घेरे में प्रार्थना के लिए मैतेई लोगों के पवित्र स्थल कोंगबा मारू गया था। अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ियों से कुल सात राउंड गोलियां चलाई गईं, लेकिन इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ।
Manipur: मणिपुर में शुक्रवार को मैतेई धार्मिक स्थल पर उग्रवादियों द्वारा गोलीबारी करने की घटना सामने आई है। यह घटना इंफाल पूर्वी जिले में हुई है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। घटना को लेकर अधिकारी ने बताया कि यह सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई थी। बता दें कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है।
वहीं घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा गया। गोलीबारी की घटना के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर उतर गए और वाहनों की आवाजाही को अवरूद्ध कर दिया।
घटना में नहीं हुआ कोई घायल
घटना को लेकर अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को श्रद्धालुओं का एक समूह भारी सुरक्षा घेरे में प्रार्थना के लिए मैतेई लोगों के पवित्र स्थल कोंगबा मारू गया था। अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ियों से कुल सात राउंड गोलियां चलाई गईं, लेकिन इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ।
चार लोगों को किया गिरफ्तार
बता दें कि गोलीबारी की घटना के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान लुंगौसेम किपगेन, लेटमिनलाल किपगेन, सतमिनलुन तुबोई और थांगगुलुन किलोंग के रूप में हुई है, जो सभी कांगपोकपी जिले के निवासी हैं।
हथियार जमा कराने की अवधि बढ़ी
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राज्य में अवैध हथियार जमा कराने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब 6 मार्च शाम 4 बजे तक हथियारों को जमा करा सकते है। राज्यपाल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हथियारों के स्वैच्छिक समर्पण के लिए सात दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद इस अवधि को बढ़ाने के लिए घाटी और पहाड़ी क्षेत्र से अनुरोध किया गया है।
गुरुवार को हथियार किए सरेंडर
वहीं मणिपुर में मैतेई समूह के अरामबाई टेंगोल के सदस्यों ने गुरुवार को प्रदेश सरकार के समक्ष अपने हथियार सौंप दिए। संगठन ने यह फैसला राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के साथ बैठक होने के बाद लिया था।