पीड़िता 2017 में आई थी बंजिदर के संपर्क में
पुलिस के अनुसार, पीड़िता 2017 में बजिंदर के संपर्क में आई थी, जब उसने बोर्ड परीक्षाओं में उसकी मदद करने का वादा किया था। समय के साथ वह उसके कार्यक्रमों में सुरक्षा के लिए जिम्मेदार स्वयंसेवकों की टीम का हिस्सा बन गई।
रेप कर बनाया अश्लील वीडियो
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि बजिंदर ने मोहाली के सेक्टर 63 में अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया और इस घटना का वीडियो बना लिया। बाद में महिलाओं को धमकाने के लिए वीडियो का इस्तेमाल किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उसने उसकी मांगों का पालन करने से इनकार कर दिया तो वह इसके वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। उसकी शिकायत के बाद, जीरकपुर पुलिस ने बजिंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
जानिए कौन हैं बजिंदर सिंह?
जालंधर में रहने वाले बजिंदर सिंह ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ का नेतृत्व करते हैं। वह खुद को पैगंबर बजिंदर कहते हैं। वह 2012 में ईसाई धर्म प्रचारक बन गए, उनके समर्थकों का दावा है कि उनके चर्च की भारत और विदेशों में कई शाखाएं हैं। चर्च में ऐसे समागम होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग अपनी बीमारियों के इलाज की उम्मीद में आते हैं। इन समागमों का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल ‘प्रोफेट बजिंदर सिंह’ पर किया जाता है। इस चैनल के 3.74 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। बजिंदर सिंह के खिलाफ मामले
स्वयंभू पादरी सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और हेराफेरी के मामले दर्ज हैं। 2017 में उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। उन पर आयकर विभाग ने छापेमारी भी की थी। 2018 में, उन्हें पंजाब के ज़ीरकपुर की एक महिला को विदेश यात्रा में सहायता का झूठा वादा करके उसके साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर यौन उत्पीड़न का भी आरोप है, लेकिन इस साल मार्च में दर्ज मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।
इन धाराओं में दर्ज केस
सिंह के सहयोगियों- जतिंदर, अकबर अली, सितार अली, सुच्चा सिंह, राजेश चौधरी और संदीप पहलवान का भी नाम केस दर्ज है। जिरकपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धाराओं 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 294 (अश्लीलता), 323 (चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 (यौन रूप से स्पष्ट सामग्री प्रसारित करना) के तहत दर्ज प्राथमिकी में दर्ज किया गया है।