Eid-ul-Fitr: बीजेपी एमएलए की चिट्ठी ने बढ़ाई दिल्ली पुलिस की परेशानी! नोएडा में भी धारा 163
Eid Holiday: दिल्ली में ईद की नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासन चौकन्ना हो गया है। दिल्ली के सभी जिलों में मस्जिदों के आसपास सड़कों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इसके साथ ही अमन कमेटी के साथ पुलिस ने बैठक कर सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने में मदद मांगी है।
Eid Holiday: देश की राजधानी दिल्ली में ईद-उल-फितर को लेकर पुलिस चौकन्नी हो गई है। दिल्ली में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने देने की भाजपा विधायक की मांग और इस संबंध में राजनीतिक बयानबाजी के बाद पुलिस की चुनौती बढ़ गई है। पुलिस ने अमन कमेटी के साथ बैठक कर सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की है। साथ ही मस्जिदों के आसपास सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। डीसीपी साउथ डिस्ट्रिक्ट ने दिल्ली में अमन कमेटी के साथ बैठक कर ईद पर सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की है।
साथ ही सभी धर्मगुरुओं से सांप्रदायिक एकता को बढ़ावा देने और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए का आह्वान किया है। इसके अलावा दिल्ली के उत्तरी जिला पुलिस ने मस्जिदों में फोर्स तैनात किया है। जामा मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई है। जबकि शांति, सद्भाव और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धर्मगुरुओं के साथ हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की छुट्टी भी निरस्त कर दी गई है।
भाजपा विधायक करनैल सिंह ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र
दरअसल, बीते दिनों दिल्ली की शकूर बस्ती विधानसभा सीट से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने सड़कों पर नमाज पढ़ने से रोक लगाने की मांग की थी। करनैल सिंह ने पत्र में लिखा था “हमारे शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने से यातायात बाधित होता है। जिससे आम जनता को असुविधा होती है। कई बार इस कारण से एंबुलेंस, स्कूल बसें और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।”
दिल्ली की शकूर बस्ती विधानसभा सीट से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने अपने पत्र में आगे लिखा “हम सभी को अपने-अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। लेकिन यह भी जरूरी है कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात प्रभावित न हो। अतः आपसे निवेदन है कि प्रशासन इस विषय में आवश्यक कदम उठाए और सुनिश्चित करे कि धार्मिक गतिविधियां निर्धारित स्थानों और निजी परिसरों में ही आयोजित की जाएं। आशा है कि आप इस विषय को गंभीरता से लेंगे और उचित कार्यवाही करेंगे।” दूसरी ओर यूपी के मेरठ और संभल में सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ पुलिस की सख्ती के बाद इस पर हुई राजनीतिक बयानबाजी के मद्देनजर दिल्ली पुलिस इस मामले में विशेष सतर्कता बरत रही है।
दिल्ली में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने किया था विरोध
शकूर बस्ती के भाजपा विधायक करनैल सिंह के पत्र पर AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शोएब जमई ने विरोध जताया था। डॉ. शोएब जमई ने कहा था “उनको मालूम होना चाहिए कि यह संभल या मेरठ नहीं, दिल्ली है, हां सबकी दिल्ली। यहां ईद की नमाज भी होगी और अगर मस्जिद में जगह कम पड़ जाए तो सड़क पर भी होगी। ईदगाहों और अपने घर की छत पर भी होगी। कावड़ यात्रा के दौरान मुख्य सड़क को कई घंटे के लिए बंद किया जा सकता है तो नमाज के दौरान 15 मिनट के लिए भी किया जा सकता है। व्यवस्था करने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है।”
Watch: AIMIM Delhi President Shoaib Jamai on Namaz being prohibited on roads and rooftops says, "…If space in mosques is insufficient, Namaz will be held on the streets, on Eidgah grounds, and even on rooftops. Why shouldn't it be? If roads can be blocked for religious feasts,… pic.twitter.com/5v7AQCd65I
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली से सटे नोएडा में यूपी पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके तहत पूरे जिले में धारा 163 लागू किया है। जिला पुलिस ने 241 मस्जिदों और 28 हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने की संभावना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 पूरे गौतम बुद्ध जिले में 31 मार्च तक लागू रहेगी। बीएनएसएस की इस धारा के तहत किसी विशेष इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। यह धारा तब लागू की जाती है, जब किसी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका हो। बीएनएस की धारा 163 को पहले आईपीसी की धारा 144 के नाम से जाना जाता था।
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा “शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच सुचारू रूप से संपन्न हुई, लेकिन आगामी त्योहारों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष बल तैनात किए गए हैं।” उन्होंने कहा कि सिंधी नववर्ष और संत झूलेलाल की जयंती 30 मार्च को मनाई जाएगी।
इसके साथ ही इसी बीच ईद-उल-फितर का त्योहार भी है। यह त्योहार चांद दिखने के बाद 30 या 31 मार्च को मनाया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया “जिले में शांति व्यवस्था बहाल है। सभी धार्मिक अनुष्ठान सुचारू रूप से आयोजित किए जाएंगे। सार्वजनिक व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए। इसके लिए स्थानीय निवासियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई है। धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।”
मेरठ में सड़कों पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि ईद की नमाज कोई भी सड़क पर पढ़ता मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उस शख्स का पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। पुलिस के इस आदेश का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कड़ा विरोध जताया है।
उधर, आगरा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के मेवाड़ के शासक राणा सांगा पर दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर बवाल हो चुका है। करणी सेना ने सपा सांसद के घर और पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें कई दर्जन लोग घायल भी हुए थे। ऐसे में माहौल की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में भी ईद को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क है।
ईद पर सरकारी दफ्तर बंद, लेकिन पुलिस की छुट्टी नहीं
दिल्ली सरकार के कैलेंडर के अनुसार ईद पर 31 मार्च को दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालयों, बैंक और स्कूलों में अवकाश रहेगा। हालांकि पुलिस और बैंक की छुट्टी नहीं होगी। वित्तीय वर्ष 2025-25 की क्लोजिंग के चलते बैंक में सरकारी कामकाज निपटाया जाएगा। ईद के त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए दिल्ली में मस्जिदों के आसपास सड़कों पर भारी पुलिस तैनात रहेगी। दिल्ली पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अमन कमेटी के साथ बैठक कर कानून और व्यवस्था बनाने में सहयोग की अपील की है।
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