शहर के प्रमुख स्थानों का सौंदर्यीकरण
नगर पालिका प्रशासन ने पन्ना के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों को विकसित करने के लिए राशि स्वीकृत कर दी है। मदर टेरेसा हॉस्पिटल से सत्यम पैलेस तक 1.78 करोड़ रुपये की लागत से पाथ-वे और रोड डिवाइडर बनाया जाएगा। इस मार्ग पर आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी, जिससे शहर का सौंदर्य और बढ़ेगा। डायमंड चौराहा को भी नया रूप दिया जाएगा। यहां भगवान श्रीकृष्ण और राधा की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा किलकिला जल प्रपात का भी सौंदर्यीकरण कर इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का विकास
पन्ना में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं, जिन्हें पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। भगछन जुगल किशोरजी मंदिर, अंतरराष्ट्रीय तीर्थ प्राणनाथ मंदिर, बलदेव मंदिर, गोविंदजी मंदिर, जगन्नाथ स्वामी मंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर, पांडव फॉल और राना फॉल जैसे स्थलों को भी विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, चरम सागर, निरपत सागर और लोकपाल सागर में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना है, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों तक आवागमन होगा सुगम
पन्ना जिले में कई ऐतिहासिक मंदिर और स्मारक हैं, जिन्हें राष्ट्रीय महत्व का घोषित किया गया है। इनमें सलेहा नांदचांद स्थित पार्वती मंदिर प्रमुख है, जिसे दुनिया के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान शिव की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। हालांकि, इन स्थलों तक पहुंचने के लिए परिवहन सुविधाएं सीमित हैं। इसे देखते हुए, प्रशासन आवागमन की सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रहा है, जिससे पर्यटक आसानी से इन स्थलों तक पहुंच सकें।
राम वन गमन पथ का होगा विकास
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राम वन गमन पथ में शामिल सिद्धनाथ आश्रम और बृहस्पतिकुंड का भी विकास किया जा रहा है। बृहस्पतिकुंड में पर्यटन विभाग की ओर से ग्लास ब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे यह स्थल और अधिक आकर्षक बनेगा। नगर वन और व्यू पॉइंट का होगा निर्माण
पर्यटन परियोजना के तहत पहाड़कोठी में वन विभाग एक नगर वन का निर्माण करेगा। साथ ही, व्यू पॉइंट बनाए जाएंगे, जिससे पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें।
फोरलेन निर्माण के साथ होगा पर्यटन विकास
पन्ना में प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के साथ ही पर्यटन स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसरो की योजना के अनुसार, फोरलेन निर्माण के दौरान भी पर्यटन विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर
इन सभी विकास कार्यों के पूरा होने के बाद, पन्ना में पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्थानीय लोगों को होटलों, गाइड सेवाओं और परिवहन सेवाओं में रोजगार मिलेगा, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।