CG Budget: विस्तृत निर्देश जारी
वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को लेकर विस्तृत निर्देश राज्य सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव, राजस्व मंडल के अध्यक्ष और तमाम विभागाध्यक्षों को जारी किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान, व्यय की सीमाओं, बजट आवंटन प्रक्रिया और वित्तीय अनुशासन से संबंधित निर्देश दिया गया है। उद्देश्य वित्तीय वर्ष के लिए जारी बजट के समुचित उपयोग के लिए तमाम विभाग कार्ययोजना तैयार करें और वर्ष के दौरान व्यय को इस प्रकार से नियंत्रित रखे, जिससे अंतिम तिमाही में राशि को खर्च करने की आपाधापी न हो। पिछली बार शुरुआती दिनों में खर्च की रफ्तार रही थी धीमी
पिछले बजट में शुरुआती महीनों में खर्च की रफ्तार काफी धीमी रही थी। पहले तीन महीने में बजट का 20.40 फीसदी ही हिस्सा खर्च हो सका है। इसमें पूंजीगत व्यय 10.46 फीसदी ही हो सका था। ठीक इसके विपरीत राजस्व व्यय दोगुने से अधिक हुआ है। पहली तिमाही में राज्य सरकार ने 22.20 फीसदी राजस्व व्यय किया था। इस दौरान ऋण तथा अग्रिम में 8.29 फीसदी ही खर्च हुआ था।
मनमाने खर्च को लेकर जताई आपत्ति
वित्त विभाग ने मनमाने खर्च पर रोक लगाने के लिए भी सख्त हिदायत जारी की है। वित्त विभाग का कहना है कि यह देखने में आया है कि कतिपय विभागों द्वारा मार्च के अंतिम सप्ताह में योजनाओं का पूर्ण आवंटन जारी किया गया है जो कि उपरोक्तानुसार निर्देशों के अनुकूल नहीं है। विभाग तिमाही आधार पर निर्धारित व्यय सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए यह सुनिश्चित करें कि सभी निरंतर योजनाओं में बजट आवंटन प्रति त्रैमास के लिए निर्धारित सीमा के अनुसार जारी किया जाए। किसी भी स्थिति में वित्त वर्ष की अंतिम माह में किसी भी योजना का आवंटन बिना वित्त विभाग के सहमति के जारी अथवा आहरण नहीं किया जाए।
नियमों के तहत खर्च करनी होगी राशि
बजट खर्च करने के लिए छमाही के साथ-साथ तिमाही के लिए नियम बनाए गए हैं। इसमें मार्च महीने में अधिकतम 15 प्रतिशत व्यय सीमा लागू होगी। इसके अलावा अप्रयुक्त राशि का 50 प्रतिशत अगले तिमाही में स्थानांतरित किया जा सकता है। हालांकि, इसमें छूट का प्रावधान किया गया है, जैसे वेतन, भत्ते, पेंशन, बिजली, जल, दूरसंचार, वाहन क्रय पर सीमाएं लागू नहीं होंगी। इसके अलावा केंद्रीय योजनाओं एवं विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाओं पर व्यय सीमा लागू नहीं होगी। निर्देश में बजट के व्यय के लिए महत्वपूर्ण तिथियां भी निर्धारित की गई हैं। इसमें 25 अप्रैल तक विभागों को बजट आवंटन अपलोड करना होगा। 30 अप्रैल तक जिला स्तर पर बजट पुन: आवंटन करना होगा।