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CG Strike News: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पंचायत सचिव, अपनी इन मांगों को लेकर विधानसभा का किया घेराव प्रश्नकाल में विधायक मिंज ने पूछा कि अब तक दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में पदों का चिह्नांकन क्यों नहीं हुआ है। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, नए अधिनियम में 21 प्रकार के दिव्यांगजन आ रहे हैं। सभी विभागों से अभिमत लिया जाता है। अभी 24 विभागों से अभिमत आ गया है और 26 विभाग से आना बाकी है। अभिमत आने के बाद पदों का चिह्नांकन होगा। विधायक ने कहा, इतने सालों से केवल प्रक्रिया ही चल रही है, लेकिन अब तक न पद चिन्हांकित हुए और न ही भर्ती हो सकी है।
यह संवेदनशील विषय है। दिव्यांगजनों के साथ अन्याय है।
अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे क्या? इस पर मंत्री ने कहा, वर्ष 2016 के एक्ट के तहत भर्ती की जा रही है। सीधी भर्ती में दिव्यांगों को 7 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, 2016 से 2025 आ गया है। पदों की चिह्नांकन जैसी प्रक्रिया में 9 साल लगता है, तो विभाग को संवेदनशील होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत है कि दिव्यांगजनों के साथ यह व्यवहार अमानवीय है। उनके साथ धोखा है।
वर्ष 2019 के प्रश्न में उलझे खाद्य मंत्री विधायक भावना बोहरा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लेकर सवाल उठाया। उन्हें सत्तापक्ष के अन्य सदस्यों का भी साथ मिला। इस दौरान सवालों से मंत्री घिरे नजर आए। विधायक बोहरा ने पूछा कि कोविड के समय 2019 में पात्र लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिला। कई शिकायत भी मिली है। इसकी जांच कराएंगे क्या? इस पर मंत्री गोलमोल जवाब देते दिखाई दिए।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुआ भ्रष्टाचार: विपक्ष प्रश्नकाल में
मुख्यमंत्री कन्या विवाह का मुद्दा गूंजा। विपक्ष के विधायक संदीप साहू ने कहा, लोकल स्तर पर जो समान की खरीदी होती है, वो घटिया स्तर की होती है। मंत्री राजवाड़े ने कहा, इसकी कोई शिकायत नहीं मिली है। विधायक ने कहा, मेरी बातों को ही शिकायत मानकर जांच करा ली जाए। इस पर मंत्री ने कहा, हमारी सरकार में पारदर्शिता के साथ काम हो रहा है। विधायक साहू व विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा, बालोद में एक जगह 16 जोड़ों के विवाह में 33 लाख रुपए खर्च हुए। जबकि नियम के मुताबिक एक जोड़े पर 50 हजार खर्च होना है। इन सब चर्चाओं के बीच प्रश्नकाल समाप्त हो गया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ध्यानाकर्षण के जरिए लोक जैव विविधता पंजी तैयार नहीं करने और वेटलैंड स्थलों पर अपेक्षित कार्य नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है। इसे गंभीरता से लेना होगा। लोक जैव विविधता की पंजी तैयार होने की जानकारी किसी को नहीं है। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा, जैव विविधता को लेकर सरकार गम्भीर है। 12 हजार से अधिक स्थानीय निकायों में जैव विविधता पंजी तैयार की जा चुकी है।
ग्राम पंचायतों में काम हो रहा है। इस दिशा में प्रगति कार्य जारी है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने सदन में मौजूद मंत्रियों और विधायकों से भी इस बारे में पूछा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, यह गंभीर विषय है। जब दिल्ली में इसके लिए विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया था, तो उस कार्यक्रम में मैं बतौर मुख्यमंत्री शामिल हुआ है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष ने अलग से चर्चा करने का आग्रह किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मंत्री केदार कश्यप को जैव विविधता पर विशेषज्ञों के साथ कार्यशाला कराने के निर्देश दिए।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने महतारी वंदन योजना को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, बुजुर्ग महिलाओं को 500 रुपए काटकर राशि दे रहे हैं। इस पर मंत्री राजवाड़े ने कहा, हमारी सरकार ने एक हजार रुपए देने की बात कहीं थी। जो पेंशन ले रही है, उन्हें अंतर की राशि दी जा रही है। विधायक संगीता सिन्हा ने पूछा जिन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल रहे हैं, उनके लिए पोर्टल खोलने की क्या कार्ययोजना है। इस पर मंत्री ने कहा, इसकी चिंता करने के लिए हमारी सरकार है। आने वाले समय में इसकी चिंता करेंगे।
पालना योजना को लेकर घिरी मंत्री पालना योजना के तहत खर्च की गई राशि को सदन में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े घिरी नजर आईं। वो विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही थी। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी। दरअसल, कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा कि फरवरी 2025 तक इस योजना में राशि क्यों खर्च नहीं हो सकी। इस पर मंत्री ने बताया कि पहले वित्त विभाग से अनुमति नहीं मिली थी। अब मिल गई है, राशि जारी कर देंगे। विधायक उमेश पटेल ने कहा, यदि राशि ही नहीं दी गई, तो योजना कैसे संचालित थी या फिर आपका उत्तर गलत है। इस बात का मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही थी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, केंद्रांश के पैसे से राशि खर्च की गई है।