एक्सपर्ट की माने तो सिलेबस में बदलाव के कारण पूरी किताबें छप नहीं पाई हैं। इस कारण बच्चों को नई किताबें मिलने में देरी हो रही है। इससे सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले हजारों
छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है।
इन कक्षाओं के हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के सिलेबस में बदलाव किया गया है। इस कारण किताबों को छापने में देरी हो रही है। छात्रों को बदले हुए सिलेबस की किताबें जुलाई से पहले मिलने की संभावना नहीं है। एक्सपर्ट की माने तो किताबें अगस्त में ही छात्रों को मिलेंगी।
NCERT New Books 2025: पिछले साल भी बदला था कक्षा सिलेबस
पिछले साल भी कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के साथ ही 6ठी के सिलेबस में बदलाव किया गया था। उस समय छात्रों को बदले हुए सिलेबस की किताबें अगस्त में मिली थीं। इस साल एनसीईआरटी ने कक्षा 4, 5 और 7-8 के सिलेबस में बदलाव किया है। अभी एक माह बच्चे पढ़ेंगे ब्रिज कोर्स
केंद्रीय विद्यालय एक प्राध्यापक ने बताया कि एनसीईआरटी बच्चों को बढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स दिया है। ये लगभग एक माह तक चलेगा जिसमें पिछले क्लास के कुछ विषयों को लेकर बच्चों को पढ़ाया जाएगा और उन्हें रीकॉल करवाया जाएगा। वहीं, सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि उनके पास जो किताबें हैं, वे अभी वही बच्चों को पढ़ाएंगे। बाजार में किताबें नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई पर थोड़ा असर तो पड़ेगा।