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CG Road Accident: स्कूल वैन और पिकअप में भिड़ंत, 10 बच्चे थे सवार विभाग निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के आगे पूरी तरह से नतमस्तक नजर आ रहा है। जिले में जितने भी बड़े स्कूल संचालित हो रहा है, वे बड़े नेता या रसूखदार
व्यापारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिन्हें रोकने व टोकने वाला कोई नहीं है। कई स्कूल तो सत्तापक्ष से जुड़े लोगों द्वारा ही संचालित हो रहे हैं। जिन्हें नियम कानून से कुछ ज्यादा सरोकार नहीं रह गया है। वे शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए अपने सुविधा के हिसाब से नियम बनाकर विद्यार्थियों व उनके पालकों पर थोपा जा रहा है। पालक भी अपने बच्चों के शिक्षा-दीक्षा के नाम पर स्कूलों की मनमानी का विरोध नहीं कर पा रहे हैं। जैसा बोला जा रहा है वैसा किया जा रहा है।
हर साल बुक बदला जा रहा है, ड्रेस बदला जा रहा है, हफ्ते में तीन से चार ड्रेस पहनने कहा जा रहा है। किताब का बोझ क्लास दर क्लास बढ़ता जा रहा है, लेकिन पालक निजी स्कूल में अच्छी शिक्षा के मुगालते में कुछ सोच समझ ही नहीं रहे हैं। यहां तक की अपने बच्चों के हित अनिहत के बारे में भी कुछ आवाज बुलंद नहीं कर पा रहे हैं। जिले में भीषण गर्मी शुरू हो गई है, आने वाले दिनों में यह बढ़ते क्रम पर ही रहेगा। हाल में तापमान 40 के पार जाने लगा है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय कितना सही है।
स्कूल संचालक बस भेज रहे हैं, बच्चे स्कूल जा रहे हैं। भले ही गर्मी कितना भी तेज क्यों न हो जाए, ऐसा कुछ दिन चलेगा, जिसके बाद 15 अप्रैल के बाद जब भीषण गर्मी पड़नी शुरू होगी, तो बीच में ही आधे अधूरे पढ़ाई के साथ सत्र बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए भी शासन के आदेश का इंतजार किया जाता है। भीषण गर्मी में स्कूल का संचालन कितना सही है। शासन को भी इस पर विचार करने की जरूरत है।
जिले में संचालित होली किंग्डम स्कूल संचालक ने 1 अप्रैल 2025 से स्कूल का संचालन बंद कर दिया है। किसी भी क्लास के बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। इस स्कूल के संचालक ने पालकों के साथ बैठक कर उनकी सहमति से यह निर्णय लिया है। आगामी शिक्षा सत्र जून के पहले सप्ताह शुरू करने की बात कही गई है। भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना सही नहीं है, जो काम एक पखवाड़े के बाद होना है, वह अभी से क्यों नहीं किया जा रहा है। दूसरे निजी स्कूल संचालकों को भी इस पर विचार करने की जरूरत है। राज्य सरकार को भी स्कूल के समय में परिवर्तन न कर स्कूल ही बंद कर देने चाहिए। ताकि आने वाले जून माह में जो 16 जून से स्कूल सत्र की शुरूवात होती है, उसे 15 दिन पहले 1 जून से किया जा सकता है।