पर्यटन का प्रमुख केंद्र
सीएम ने कहा कि पूरा विश्वास है कि बदलाव होगा और खनिज संपदा से भरपूर, सात राज्यों के बीच स्थित देश की हृदयस्थली भी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं। पहले इस राज्य की छवि ऐसी थी कि जैसे रायपुर भी सुरक्षित नहीं है, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
3700 करोड़ के निवेश के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर
देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और स्टार्टअप कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला और सरकार की ओर से घोषित नई औद्योगिक नीति की खूबियों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 3700 करोड़ के निवेश के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। शिखर सम्मेलन में उद्योगपति, टेक स्टार्टअप संस्थापक, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) और नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) जैसे संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
आईटी कंपनियां निवेश करेंगी
इस दौरान पत्रिका के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलूरु एक आइटी हब है और उन्हें विश्वास है कि छत्तीसगढ़ में यहां की आईटी कंपनियां निवेश करेंगी। नैस्कॉम के उपाध्यक्ष श्रीकांत श्रीनिवासन और अन्य आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों से उनकी चर्चा हुई है। सरकार ने छत्तीसगढ़ के विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आइईएसए) और टेक्नोलॉजिस्ट्स इन्वेस्टर्स एंड एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई), बेंगलूरु के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया है।
अब तक 4.4 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने कम समय में 4.4 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित किया है। नया रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करना रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है। इसमें कई आईटी कंपनियां पहले से ही हैं। उम्मीद है कि यहां निवेश और बढ़ेगा। औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बीईएमएल लिमिटेड को विश्व स्तरीय खनन उपकरण विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। प्रस्तावित संयंत्र डंपिंग ट्रक, वाटर स्प्रिंकलर और मोटर ग्रेडर के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह खनन और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा करेगा।
धर्मांतरण एक षड्यंत्र, हो रही कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने माना कि राज्य में धर्मांतरण एक एक प्रमुख चुनौती है। वे खुद जिस क्षेत्र से आते हैं वह छत्तीसगढ़ का पूर्वी क्षेत्र झारखंड और उड़ीसा से सटा हुआ है। यहां एशिया के दूसरे बड़े बिशप बैठते हैं। छत्तीसगढ़ में एक षड्यंत्र के तहत धर्मांतरण हो रहा है। इसे रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम सहित कई कदम उठाए गए हैं। दिलीप सिंह जूदेव के समय से ही घर वापसी कार्यक्रम चलाया गया जिससे काफी हद इसपर नियंत्रण हुआ। पिछली सरकार ने इसमें ढिलाई की थी लेकिन अब कार्रवाई हो रही है।