– 526 किमी है कुल लंबाई
जानकारी के अनुसार परियोजना के तहत भोपाल से कानपुर तक कुल 526 किलोमीटर लंबे हाइवे को फोरलेन के रूप में विकसित किया जा रहा है। सागर से कानपुर तक 232 किलोमीटर लंबे फोरलेन को अगले तीन साल में तैयार करने का लक्ष्य है और इसकी लागत 4290 करोड़ रुपए है। अच्छी बात यह है यह फोरलेन सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे होगी, लेकिन हादसे न हों इसलिए फ्लाई ओवर, अंडरपास और सर्विस रोड बनाए जाएंगे। इन हाइवे पर जो पुराने ब्लैक स्पॉट हैं वह भी समाप्त कर दिए जाएंगे। इस कॉरिडोर के निर्माण से सुरक्षा के साथ समय की भी बचत होगी। वहीं हाइवे का निर्माण दोनों राज्यों के आर्थिक विकास को गति देगा।
– तीसरे-चौथे फेज के टेंडर हुए
परियोजना के तहत 526 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को अलग-अलग फेज में तैयार किया जा रहा है। इसमें कबरई-सागर फोरलेन के फेज 3 और 4 के टेंडर भी हो चुके हैं। छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाटी से चौका गांव तक तीसरे फेज में और चौका गांव से कैमाहा बैरियर तक चौथे फेज में कुल 98 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों फेज में करीब 2 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। तीसरे फेज में 55 किमी लंबा फोरलेन एक हजार 8 करोड़ रुपए और चौथे फेज में 43 किमी लंबी सड़क 997 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी।
– फैक्ट फाइल
526 किमी कानपुर से भोपाल की दूरी 232 किमी कानपुर से सागर की दूरी 180 किमी सागर से भोपाल की दूरी 20 हजार वाहन हर रोज गुजरते हैं 4290 करोड़ रुपए परियोजना की लागत 2028 तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य
– जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी
केंद्र से राशि की स्वीकृति मिल चुकी है अब जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अगले दो साल में बेरखेड़ी से राहतगढ़ तक फोरलेन मार्ग तैयार हो जाएगा। शिवराज मीणा, मैनेजर, एनएचएआई