राजस्थान में शिक्षा विभाग ने नामांकन बढ़ाने, प्रोत्साहन व विद्यालय विकास को लेकर प्रदेश के राजकीय स्कूलों में वार्षिकोत्सव तो करवा लिए, पर अब खर्च से आधी राशि का ही बजट जारी कर संस्था प्रधानों को संकट में डाल दिया है। सिरोही जिले के 748 सरकारी स्कूलों में वार्षिकोत्सव हुए थे, जिनमें प्राथमिक व उच्च प्राथमिक की 473 व माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर की 276 स्कूलें शामिल थीं।
सरकारी स्कूलों में नामांकन वृद्धि, स्कूल विकास व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए जनवरी माह में वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किए थे। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर खर्च राशि की सीमा भी बताई थी, लेकिन राशि आधी ही जारी की है।
छोटे स्कूलों में 5 व बड़े स्कूलों में 10 हजार खर्च
शिक्षकों ने बताया कि अपनी जेब से राशि खर्च कर स्कूलों में आयोजन तो करवा दिए, लेकिन जब सरकार की ओर से स्कूलों को राशि जारी करने की बारी आई तो पहले संस्था प्रधानों को भरोसा दिलाया जाता रहा और अब वित्तीय वर्ष समाप्ति से ठीक पहले खर्च हुई राशि की आधी राशि देकर संकट में डाल दिया।
अब खर्च हुई शेष राशि का भुगतान संस्था प्रधानों को अपनी जेब से करना पड़ेगा। वार्षिकोत्सव पर छोटे स्कूलों में पांच और बड़े स्कूलों में दस हजार से अधिक राशि खर्च हुई है। आयोजन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की व्यवस्था भामाशाहों से की गई। आपको बता दें कि आबूरोड में 181, पिण्डवाड़ा में 210, रेवदर में 161, शिवगंज में 83, सिरोही में 113 स्कूलों में वार्षिकोत्सव हुए थे।
स्कूलों को यह मिली राशि
* सरकार ने जिले की माध्यमिक व उच्च माध्यमिक की 276 स्कूलों में वार्षिकोत्सव हुए, जिनके लिए 13 लाख 80 हजार रुपए जारी किए हैं। जिसमें प्रति स्कूल 5 हजार रुपए दिए गए हैं।
* जिले की प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की 472 स्कूलों में वार्षिकोत्सव हुए, जिनके लिए 11 लाख 80 हजार की राशि जारी की है। जिसमें प्रति स्कूल 2500 रुपए दिए गए हैं।
कम मिली राशि, संकट में संस्था प्रधान
राजकीय स्कूलों में वार्षिकोत्सव को लेकर निर्धारित राशि से आधी डालने से संस्था प्रधानों को संकट में डाल दिया है। राजकीय स्कूलों में हुए वार्षिकोत्सव की आधी राशि सरकार ने नहीं दी, अब शिक्षकों को जेब से भरना पड़ेगा। प्रत्येक माध्यमिक स्कूल को 5 हजार, प्राथमिक स्कूल को 2500 रुपए ही डाले हैं।
धर्मेन्द्र गहलोत, प्रदेश मुख्य महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील
यह वीडियो भी देखें
इनका कहना है
वार्षिकोत्सव को लेकर हमारे पास आगे से जो राशि आई है, उसे स्कूलों में स्थानांतरण कर दी। जिले में 748 स्कूलों में वार्षिकोत्सव हुए थे। जिनमें प्राथमिक व उप्रा की 473 व उमा की 276 स्कूलें शामिल हैं।