उप अधीक्षक सूरतगढ़ प्रतीक मील एवं थानाधिकारी इमरान खान ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब डेढ बजे पुलिस को सूचना मिली कि तीन एलसी रोही के पास मोटरसाइकिल सवार दलीप शर्मा की आंखों में मिर्च डालकर अज्ञात युवक करीब पांच लाख रुपए एवं पांच तौला स्वर्णाभूषण लूट ले गए।
दिनदहाड़े लूट की जानकारी मिलते ही थानाधिकारी इमरान खान मय जाब्ते के घटनास्थल पर पहुंचे एवं उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर गौरव यादव के निर्देशों पर जिलेभर में नाकाबंदी करवा दी गई।
लूट की घटना सच्ची लगे, इसलिए दिनभर बैंकों में घूमता रहा थानाधिकारी इमरान खान ने बताया कि पूछताछ में परिवादी दलीप शर्मा ने बताया कि उसे बाजार में लोगों का रुपया लौटाना था, जो बार-बार तकाजा कर रहे थे। इसी से बचने के लिए उसने स्वयं के साथ लूट की घटना होने की कहानी रची। सुबह वह घर से ही मिर्च पाउडर की थैली ले आया था। वह पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक एवं एसबीआई बैंक के एटीएम में भी गया एवं वहां रुपये जमा करवाने को लेकर पूछताछ की। वह एक माइक्रो एटीएम से पांच हजार रुपए निकलवाने भी गया, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण रुपए नहीं निकलवा पाया। इसके बाद वह बाजार से घर के लिए रवाना हुआ एवं रास्ते में स्वयं पर मिर्च पाउडर छिड़ककर कर लूट होने की झूठी कहानी गढ़ी।
पांच लाख रुपए होने के बावजूद पांच हजार रुपए निकलवाने पहुंचा, यहीं से पकड़ा गया थानाधिकारी ने बताया कि दलीप शर्मा ने पहले बयान में बताया कि वह घर से पांच लाख रुपए एवं पांच तौला स्वर्णाभूषण लेकर बैंक गया था। बैंक में सर्वर डाउन होने के कारण रुपए जमा नहीं हो सके, जिसके बाद वह अन्य बैंक शाखाओं में भी गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालनी प्रारंभ की तो सामने आया कि परिवादी एक दुकान पर लगे माइक्रो एटीएम से पांच हजार रुपए निकलवाने भी गया था। पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज जांची तो परिवादी के पास रुपयों से भरा कोई बैग दिखाई नहीं दिया। जिससे पुलिस को उसकी कहानी पर शक हुआ।
बार बार बयान बदले तो शक गहराया थानाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिवादी दलीप शर्मा से घटना के संबंध में पूछताछ की तो परिवादी लूट के संबंध में ठोस साक्ष्य नहीं दे पाया एवं घटना को लेकर बार-बार बयान बदलने लगा। इससे पुलिस के शक की सुई परिवादी पर ही जा टिकी। पुलिस ने दलीप कुमार के घटना के संबंध में बयान दर्ज करने प्रारंभ किए। दलीप की ओर से बार-बार विरोधाभासी बयान देने पर पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। पुलिस ने घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज खंगालना प्रारंभ किया तो पीडि़त दलीप कुमार ने लूट की झूठी कहानी रचना स्वीकार कर लिया।
लूट की सूचना पर जमा हुई भीड़ लूट की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता प्रवीण गोयल, सहकारी भूमि विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन इन्द्रजीत सिंह रंधावा, किसान नेता हरदीप सिंह विडि़ंग, संयुक्त व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष अजीतकुमार शर्मा, कश्मीरी विस्थापित ब्राह्मण समाज के प्रेम शर्मा, डालीराम शर्मा, जगदीश शर्मा सहित अन्य प्रबुद्धजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए।