काफी देर तक तो कोई भी यात्री कुछ कहने की स्थिति में भी नहीं था
यात्रियों के लिए यह खबर चौंकाने वाली थी कि उनका विमान तुर्की के दियारबाकिर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करने वाला है। चूंकि यह लैंडिंग मेडिकल इमरजेंसी के कारण हो रही थी, इसलिए काफी देर तक तो कोई भी यात्री कुछ कहने की स्थिति में भी नहीं था। हालाँकि, यह जानकर उनकी घबराहट और बढ़ गई कि दियारबाकिर एयरपोर्ट कोई आम नागरिक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि टर्किश आर्मी का एयरबेस है।
विमान रनवे पर उछलते हुए चलता रहा, जिससे सभी यात्री डर गए
विमान कुछ ही मिनटों में, विमान रनवे के पास पहुँच चुका था। जैसे ही प्लेन ने रनवे को छुआ, यात्रियों को एक तेज झटका महसूस हुआ। प्लेन कुछ समय के लिए रनवे पर उछलते हुए चलता रहा, जिससे सभी यात्री डर गए। अंततः, विमान टर्मिनल बिल्डिंग तक पहुंचने में कामयाब रहा, लेकिन इसके साथ ही, यात्रियों के लिए परेशानी और तनाव से भरे एक नए सफर की शुरुआत हो गई।
मुसाफिरों ने बताया,’कोई सही जानकारी नहीं दी गई’
वर्जिन अटलांटिक की फ्लाइट में सवार यात्रियों ने आरोप लगाया है कि एयरलाइन ने उनकी आगे की यात्रा के बारे में कोई सही -सही जानकारी नहीं दी। कई मुसाफिरों फ़िक्रमंद और कशमकश में थे, क्योंकि उन्हें यह नहीं पता था कि वे अपना सफर आगे कैसे जारी रखेंगे।
16 घंटे से एक अधूरी इमारत जैसे खाली टर्मिनल में फंसे हैं
एक यात्री ने बताया, “हम बहुत परेशान हैं। हम 16 घंटे से एक अधूरी इमारत जैसे खाली टर्मिनल में फंसे हैं। यहां संचार की कोई सुविधा नहीं है। हमारे साथ छोटे बच्चे, महिलाएं और बीमार लोग भी हैं, लेकिन हमें कोई सही जानकारी नहीं मिल रही है। सिर्फ दो हैंडआउट्स दिए गए, जिनसे कोई खास मदद नहीं मिली है। “
एयरलाइन कुछ भी नहीं बता रहा,देवेंद्र फडणवीस ने मदद का आश्वासन दिया
मुसाफिरों ने बताया कि लंबे इंतजार के दौरान यात्रियों को खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने उन्हें यह भी नहीं बताया कि विमान कब फिर से उड़ान भरेगा अथवा उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है या नहीं। अब तक वर्जिन अटलांटिक एयरलाइन की ओर से इस मामले पर कोई ठोस बयान नहीं आया है। यात्रियों की बढ़ती परेशानी और नाराजगी के मददेनजर ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि एयरलाइन जल्द ही कोई हल निकलेगा। इधर भारत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मदद करने का आश्वासन दिया है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्थिति को संभालने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है