राम मूल मंत्र (Lord Ram Mool Mantra)
ॐ श्री रामाय नमः॥अर्थः किसी भी देवता के मूल मंत्र को समस्त मंत्रों में अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है। यह मंत्र विशेष रूप से उस देवता की यंत्र साधना के लिए विशेष प्रभावी माना जाता है। इसका अर्थ है कि प्रसन्नता, आंतरिक शांति और संतुलन के दाता भगवान श्रीराम को नमस्कार है। आपकी उज्ज्वल तीव्र ऊर्जा, आंतरिक ध्यान और व्यक्तिगत अखंडता मेरे भीतर निवास करे, ऐसी मेरी प्रार्थना है।
राम तारक मंत्र (Ram Tarak Mantra)
श्री राम जय राम जय जय राम॥
तारक मंत्र की विशेषताः श्री राम तारक मंत्र भक्तों के मध्य अत्यंत लोकप्रिय है। यह तारक मंत्र 13 अक्षरों वाला है। मान्यताओं के अनुसार तारक मंत्र अपने नाम के अनुरूप ही परिणाम देने वाला है। इसलिए तारक मंत्र का जाप करने से व्यक्ति जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है यानी तर जाता है।
तारक मंत्र के अर्थ
इस मंत्र में श्री का आशय, शक्ति अथवा देवी सीता से है। रा कर्मों को भस्म करने वाली अग्नि का प्रतीक है। म शब्द जल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका अर्थ है वह शांति जो समस्त बुद्धि-विवेक से परे है। जय का अर्थ है, देह पर आत्मा की विजय।
इस प्रकार मंत्र का अर्थ हुआ शक्ति सहित ईश्वर की जय हो, अर्थात ईश्वर की जय हो।
राम गायत्री मंत्र (Ram Gayatri Mantra)
ॐ दशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि, तन्नो राम प्रचोदयात्॥राम गायत्री मंत्र की विशेषताः राम गायत्री मंत्र भगवान राम के सर्वाधिक लोकप्रिय मंत्रों में से एक है। देव पूजा में अधिकांश देवी-देवताओं की स्तुति उनके अपने गायत्री मंत्र से की जाती है। भगवान राम गायत्री मंत्र सर्वाधिक लोकप्रिय गायत्री मंत्र का एक अन्य रूप है।
राम गायत्री मंत्र का अर्थ
ॐ, मैं दशरथ, अर्थात् जिनके पास दस रथ हैं, के पुत्र का ध्यान करता हूं, हे सीतापति, मुझे उच्च बुद्धि प्रदान करो, हे भगवान राम! मेरे मन को प्रकाशित करो।
राम ध्यान मंत्र (Ram Dhyan Mantra)
ॐ आपदामपहर्तारम् दाताराम् सर्वसम्पदाम्।
लोकाभिरामम् श्रीरामम् भूयो-भूयो नमाम्यहम्॥
राम ध्यान मंत्र का अर्थ
मैं उन भगवान श्री राम को बारम्बार प्रणाम करता हूं, जो संसार में सर्वाधिक सुंदर हैं, जो दुःखों को दूर करते हैं तथा भक्तों को धन-सम्पदा प्रदान करते हैं।
कोदण्ड राम मंत्र (Kodand Ram Mantra)
श्री राम जय राम कोदण्ड राम॥कोदण्ड राम मंत्र, भगवान राम को समर्पित दिव्य मंत्र है। भगवान राम का यह मंत्र दक्षिण भारतीय राज्यों में अत्यधिक लोकप्रिय है। दक्षिण भारत में भगवान राम के कई मंदिर हैं जिन्हें कोदंड राम मंदिर कहा जाता है। इन मंदिरों में भगवान राम के राज्याभिषिक्त मुकुटधारी रूप अर्थात् भगवान राम के अयोध्या के राजा के रूप में पूजा-अर्चना की जाती है।