याचिका में बताया कि अजमेर के तापमान में बदलाव के साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स पर असर पड़ रहा है। वाहनों से निकलने वाले धुएं, धूल के कण से प्रदूषण बढ़ गया है। गर्मी और तापमान में बढ़ोतरी के साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स 175 से 180 तक पहुंचना स्थिति गंभीर होना दर्शाता है। संविधान के अनुच्छेद- 21 के तहत आमजन के लिए प्रदूषण मुक्त पानी और वायु जरूरी है।
संरक्षित हो आनासागर का वेटलैंड
मलिक ने याचिका में स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में तैयार हुए करोड़ों के विकास कार्यों को ध्वस्त करने के आदेश के बावजूद प्रशासन के सेवन वंडर्स को बचाने के लिए वैकल्पिक वेटलैंड की तलाश को लेकर भी याचिका लगाई गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि एनजीटी के आदेश के मंशानुरूप आनासागर झील के किनारे से अवैध निर्माण पूरी तरह हटवाकर यहीं वेटलैंड विकसित करवाया जाए। स्थानीय प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में विचाराधीन प्रकरण में मूल जगह को छोड़कर वैकल्पिक जगह वेटलैंड बनाने के लिए प्रयासरत है, जबकि आनासागर झील को बचाने के लिए इसके आस-पास के दायरे को ही वेटलैंड घोषित करने की जरूरत है। वैकल्पिक वेटलैंड का प्रस्ताव बनाना शीर्ष कोर्ट के आदेश की मनमाने ढंग से व्याख्या करना है। गौरतलब है कि आनासागर झील के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण की 7 अप्रेल को सुनवाई तय है।