कुरकुरे दिलाने के बहाने अपहरण
थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी ने बाहर आकर बच्ची को देखा तो वह वहां नहीं मिली। इस पर आसपास के लोगों ने पूछताछ की तो पड़ोसी दुकानदार ने बताया कि बच्ची को हेमंत उर्फ भोली (27) पुत्र ओमप्रकाश निवासी बहादुरपुर सहित एक अन्य व्यक्ति उसे दुकान से कुरकुरे दिलाकर उसे मोटर साइकिल बिठाकर अपने साथ ले गए। मामले में पुलिस ने गुरुवार रात करीब साढ़े 8 बजे बच्ची को रामगढ़ से दस्तयाब कर रामगढ़ सीएचसी में उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया।मुख्य आरोपी फरार
बालिका पूरी तरह से स्वस्थ है। सदर थानाधिकारी रमेश सैनी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों नरेन्द्र शर्मा (34) पुत्र भगवान सहाय और जयसिंह (32) पुत्र करण सिंह यादव निवासी रामगढ़ को भी हिरासत में लिया है, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। जबकि मुख्य आरोपी हेमंत उर्फ भोली अभी फरार है।पीड़ित परिवार ने लगाया बच्ची को बेचने का आरोप
पीड़ित परिवार ने बताया कि मुय आरोपी हेमंत उर्फ भोली का परिवार उनके गांव के मंदिर में पाठ-पूजा का काम करता है। इसके कारण आरोपी उनके गांव में आता-जाता रहता है। वह आपराधिक प्रवृति का है। बच्ची का मां का आरोप है कि आरोपी ने उसकी बच्ची का अपहरण कर उसे रामगढ़ ले जाकर बेच दिया था।हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार मुय आरोपी हेमंत के पकड़ में आने के बाद ही बच्ची के अपहरण का मकसद पता चल सकेगा। उधर घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।