परिवहन निगम अब बढ़ाएगा कदम
बस स्टैंड के लिए जो जमीन फाइनल हुई है, इस जमीन को यूआईटी परिवहन निगम को देगी और शहर के मुख्य बस स्टैंड की जमीन को अपने पास रखेगी। इस जमीन का पहले प्रस्ताव परिवहन निगम को भिजवाया गया था, लेकिन निगम ने अभी तक मुहर नहीं लगाई।बजट घोषणा में अलवर का यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो जमीन के पेंच में अटका हुआ था, लेकिन अब इसको धरातल पर लाने में देरी नहीं होगी। निगम भी अब अड़ंगा नहीं लगा पाएगा। सरकार ने बस स्टैंड के लिए 60 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। ऐसे में पूरा बस स्टैंड बाहर ही बनेगा।
300 से ज्यादा रूट के लिए चलेंगी बसें
बताया जा रहा है कि नए बस स्टैंड से 300 से ज्यादा रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। बस स्टैंड का आकार बढ़ेगा तो बसों का बेड़ा भी नया आएगा। देश के कई शहरों में नई बस सेवाएं शुरू होंगी। अभी करीब 150 रूट के लिए बसें संचालित हो रही हैं।हनुमान सर्किल पर बस स्टैंड के लिए करीब 8 हेक्टेयर जमीन है। इसमें मंदिर माफी की जमीन अधिग्रहण के लिए पैसा देवस्थान विभाग को दिया जाएगा। साथ ही करीब तीन हेक्टेयर जमीन का मुआवजा किसानों को मिलेगा। इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है। यूआईटी इस जमीन का अधिग्रहण करने के लिए कार्रवाई तेजी से कर रही है।