पूर्व राष्ट्रपति और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, सपने वो नहीं होते जो आप सोते समय देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको जगाए रखते हैं। उन्होंने युवाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आग्रह किया।राज्यपाल गहलोत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, सतत विकास और उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों से अपडेट रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, आज हमारे देश ने अभूतपूर्व विकास हासिल किया है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में खड़ा है।
पर्यावरण संबंधी चिंताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने छात्रों से जल, जंगल और हवा के संरक्षण के लिए सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया।समारोह के दौरान, जगदगुरु निरंजनानंद पुरी स्वामी, एस. ए. रवीन्द्रनाथ और प्रो. एस. आर. निरंजन को समाज और राष्ट्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए मानद उपाधियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एम.सी. सुधाकर, मुख्य अतिथि पद्म भूषण प्रोफेसर पी. बलराम, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.डी. कुंभार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।