कमिश्नर ने निर्देश दिये कि अनाधिकृत डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई करें। इससे सिटी इलेक्ट्रानिक बसों को अधिक से अधिक यात्री मिल सकें। इसके अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट का मानदेय बढ़ाने और टैक्स ऑडिटर की नियुक्ति करने, बरेली सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. में टोल-फ्री नंबर स्थापित करने और इलेक्ट्रॉनिक एसी बसों के मेंटिनेंस डिपो में फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाने को लेकर भी विचार विमर्श किया गया।
बरेली में रफ्तार भर रहीं हैं 24 बसें
बरेली में रेलवे जंक्शन से शीशगढ़ पांच बसें, रेलवे जंक्शन से शेरगढ़ (वाया फतेहगंज) छह बसें, मिनी बाईपास से मनौना धाम तक 13 बसों को संचालित किया जा रहा है। मनौना रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण निर्देश दिए गए कि अनधिकृत बसों पर रोक लगाई जाए ताकि सिटी बस सेवा को लाभ मिल सके। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि पीलीभीत बाईपास पर कार बाजार की दुकानों और अन्य अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही सथरापुर में निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए गए ताकि बाकरगंज में कचरा निस्तारण की समस्या का समाधान हो सके।
शाहजहांपुर में ऐसे सुधारा जायेगा यातायात
शाहजहांपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की समीक्षा के दौरान शहर में अत्यधिक जाम की समस्या सामने आई। कमिश्नर ने बताया कि ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई के तहत 31 ई-रिक्शा सीज किए गए हैं। बरेली की तर्ज पर शाहजहांपुर में भी ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जाए। यदि नाबालिग ई-रिक्शा चलाते पाए जाते हैं, तो रजिस्ट्रेशन रद्द कर मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। बरेली मोड़ से अवैध निजी वाहनों को हटाने के आदेश दिए गए ताकि रोडवेज बसों की आवाजाही बाधित न हो। कुछ रूटों पर ई-रिक्शा पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाएं और इन्हें केवल फीडर सिस्टम की तरह उपयोग में लाया जाए। इस दौरान डीएम रविंद्र कुमार, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, बीडीए वीसी मणिकंदन ए., एसपी क्राइम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।