महिला वकील का आरोप है कि जब उसकी पिटाई की गई तो उसे किसी ने नहीं बचाया। मुझे लात-घूसों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा गया। महिला वकील शीतल शर्मा (35) निवासी गांधी नगर थाना सेवर ने बताया कि वह पहले कोर्ट में गोपाल मथुरिया के बस्ते पर बैठकर प्रेक्टिस करती थी, जिस भी क्लाइंट का ऑनलाइन पेमेंट आता था वह मेरे खाते में आता था। मैं उन पैसों का हिसाब गोपाल मथुरिया को कर दिया करती थी। अगस्त 2024 को मैंने उसका बस्ता छोड़ दिया और अपना अलग बस्ता डकैती कोर्ट के सामने बना लिया।
शीतल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर अपराह्न करीब 3 बजे वकील गोपाल मथुरिया अचानक मेरे पास आया और कहने लगा कि मेरा हिसाब करो। मैंने उससे कहा कि मैंने तुम्हारा हिसाब पहले ही कर दिया। इतने में ही गालियां देने लगा और पीटने की धमकी देने लगा। शीतल ने गोपाल मथुरिया को अपने बस्ते पर जाने के लिए कहा। इसके बाद भी वह गालियां देता रहा।
शीतल इसके बाद गोपाल मथुरिया की शिकायत करने के लिए बार एसोसिएशन में जाने लगी, आरोप है कि तभी गोपाल मथुरिया ने शीतल के बाल पकड़ लिए और उसको लात-घूसों से पीटने लगा। काफी देर तक कोर्ट में मौजूद लोग तमाशा देखते रहे। कुछ देर बाद 1-2 वकील शीतल को बचाने के लिए आए। इसके बाद दोनों का बीच-बचाव कराकर शीतल को घर भेज दिया। शीतल का कहना है कि रात को अचानक तबियत खराब हुई। इसके बाद परिजनों ने मुझे उसे आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया।
यह बोले अधिवक्ता
इस मामले में अधिवक्ता गोपाल मथुरिया ने बताया कि मेरे साथ महिला अधिवक्ता ने बाहर से बदमाशों को बुलवाकर मारपीट कराई। मैं इस मामले में एफआईआर दर्ज कराऊंगा। पैसों के लेन-देन के मामले को लेकर मैंने पूर्व अध्यक्ष के यहां शिकायत भी दर्ज कराई थी।