मध्यप्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव के पहले लाड़ली बहना योजना चालू की गई थी जिसका बीजेपी को जबर्दस्त राजनैतिक लाभ हुआ। राज्य में पार्टी को जोरदार बहुमत मिल गया। कांग्रेस तभी से लाड़ली बहना योजना को लेकर राज्य सरकार पर जब-तब हमले करती रहती है।
अब कांग्रेस प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने आशंका जताई है कि बिहार चुनाव के बाद एमपी की कई बहनें लाड़ली बहना योजना से बाहर हो जाएंगी। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने योजना में परित्याग ऑप्शन शुरू करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऑप्शन प्रदेश की बहनों के लिए खतरे की घंटी है।
मिथुन अहिरवार के मुताबिक परित्याग ऑप्शन के बाद लाड़ली बहना योजना को भी उसी तरह बंद किया जा सकता जैसे केंद्र सरकार ने एलपीजी में सब्सिडी बंद कर दी थी। तब भी सरकार ने सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया और बाद में सभी उपभोक्ताओं की सब्सिडी पूरी तरह बंद कर दी गई।
कांग्रेस ने शंका जताई कि सरकार, लाड़ली बहना को अटल पेंशन योजना से जोड़ने के बहाने भी बहनों की राशि घटाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य सरकार पर लाड़ली बहना योजना के असल आंकड़ों को भी छुपाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने कहा है कि 1 मार्च तक 3 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम काटे जा चुके हैं। विधानसभा में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह के सवाल के जवाब में यह तथ्य सामने आया। राज्य सरकार का कहना है कि 60 साल की उम्र पूरी होने के कारण इन महिलाओं को योजना से बाहर किया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि जब उम्र के कारण लाखों महिलाओं के नाम काटे गए तो 21 साल की हो रही बहनों को योजना में जोड़ा क्यों नहीं जा रहा।