भोपाल रेल मंडल भोपाल रेलवे स्टेशन(Bhopal Railway Staion) पर ट्रैफिक का ओवरलोड कम करने एवं प्लेटफार्म छोटा पड़ने के चलते मालवा एक्सप्रेस को बैरागढ़ रेलवे स्टेशन से निशातपुरा रेलवे स्टेशन(Nishatpura Railway Station) डाइवर्ट करना चाह रहा है। पिछले 3 साल से यह प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्रालय में मंजूरी के इंतजार में पड़ा हुआ है। रेल मंत्रालय में भोपाल के जनप्रतिनिधियों की तरफ से यह मांग की गई है कि इस ट्रेन को भोपाल रेलवे स्टेशन तक लाया जाए एवं निशातपुरा स्टेशन से डायवर्ट नहीं किया जाए। फैसला नहीं हो पाने के कारण ही निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन नहीं हो पा रहा है। रेलवे ने अब सांसद आलोक शर्मा से मामले में चर्चा की है जिसके बाद जल्द तारीख तय होने की उम्मीद की जा रही है।
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मिसरोद रेलवे स्टेशन(Misrod Railway Station)
मिसरोद रेलवे स्टेशन को विकसित करने की तैयारी में है। चालू वित्तीय वर्ष में बजट आवंटित किया है लेकिन निशातपुरा स्टेशन के कारण मिसरोद मामले में फैसला नहीं ले रहे हैं। नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, बावड़िया कला व 11 मील के लोग इस स्टेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
भोपाल रेलवे स्टेशन(Bhopal Railway Staion)
भोपाल रेलवे स्टेशन शहर का सबसे बड़ा स्टेशन है। यहां एक दिन में 135 यात्री ट्रेनों की आवाजाही होती है। इसके अलावा 50 से ज्यादा मालगाड़ी रेलवे ट्रैक से क्रॉस होती हैं। ट्रेनों को खड़ा करने और क्रॉस करवाने के लिए जगह नहीं है जिसकी चलते आउटर पर ट्रेनों को इंतजार करना होता है। ये भी पढें
– खतरे में है शहर की पांच लाख की आबादी, हैरान करने वाली है वजह रानी कमलापति स्टेशन(Rani Kamlapati Station
100 करोड़ की लागत से विकसित किया गया रानी कमलापति रेलवे स्टेशन दिनभर खाली पड़ा रहता है। यहां गिनती की 50 यात्री ट्रेनें ही ठहरती हैं। इसके चलते नया शहर का हिस्सा इसकी वजह से परेशान होता है। बाकी ट्रेनों के लिए यात्रियों को भोपाल रेलवे स्टेशन आना जाना पड़ता है।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन(Nishatpura Railway Station)
इंदौर से आकर भोपाल स्टेशन में प्रवेश कर इंजन परिवर्तन के बाद सागर होते हुए दिल्ली एवं जम्मू जाने वाली ट्रेनों को निशातपुरा स्टेशन डायवर्ट करने की तैयारी है। मालवा सहित आधा दर्जन ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा है। इससे करोंद, बैरसिया एवं पुराने शहर के लोगों को फायदा मिलेगा।