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बीकानेर

एक अस्पताल…जहां बच्चों की मां के पास आकर बोले नर्सिंगकर्मी, इमरजेंसी है, यह टेस्ट बाहर से कराओ, सुबह हुई शिकायत तो मचा हड़कंप

संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में गोरखधंधे का खुलासा होने के बाद चिकित्सा जगत में हड़कंप है। संबंधित कार्मिक हों या पीबीएम प्रशासन, सभी अपना दामन बचाने में जुटे हुए हैं।

बीकानेरApr 05, 2025 / 01:30 pm

Brijesh Singh

बच्चा अस्पताल में 10-15 बच्चों की रात के समय इमरजेंसी बता कर सैंपल जांच कराने का मामला सामने आने के बाद से चिकित्सा क्षेत्र में हड़कंप है। प्रकरण ज्यादा तूल न पकड़े, इसके लिए अस्पताल में ठेके पर लगे हेल्पर को घर भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी नर्सिंग कार्मिक को भी अन्यत्र भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही अस्पताल में लंबे समय से जमे नर्सिंग कार्मिकों को भी अब इधर-उधर करने की तैयारी है। इस गोरखधंधे में थर्ड यूनिट के एक रेजिडेंट चिकित्सक का नाम भी सामने आया है। उसका फैसला प्रिंसिपल और संभागीय आयुक्त की बैठक में होगा। जांच रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है।
ड्यूटी पर नहीं था नर्सिंग कार्मिक, फिर भी लिए सैंपल

कमेटी के समक्ष हुए बयानों में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिस रात को मरीजों के सैपल लिए गए थे। उस रात नर्सिंग कार्मिक चेतन की ड्यूटी ही नहीं थी। उसकी ड्यूटी शाम की पारी के समय समाप्त हो गई थी। जबकि सारा मामला रात्रिकालीन ड्यूटी के दरम्यान हुआ था।
यह हुआ था

बच्चा अस्पताल में रक्त जांच के लिए दो अप्रेल को 10 से 15 मरीजों के सैंपल लेकर एक निजी लैब में भेजा गया था। यहां पर प्रति मरीज जांच का के 500 रुपए शुल्क वसूल किया गया था।
ऐसे सामने आया रेजिडेंट का नाम

आरोपी नर्सिंग कार्मिक चेतन ने बताया कि उसने एक रेजिडेंट डॉक्टर के बोलने पर ही सैंपल लिया था। यह चिकित्सक अस्पताल की थर्ड यूनिट में कार्यरत है। नर्सिग कार्मिक चेतन की ड्यूटी कैजुअल्टी में लगी थी, जबकि उसने राठी वार्ड में भर्ती मरीजों के सैंपल लिए थे। जबकि नियम यह है कि जिस वार्ड में नर्सिंग कार्मिक की ड्यूटी होती है, वहीं मरीजों के सैंपल लेता है।
फार्मासिस्ट को हटाया, नर्सिग कार्मिक भी हटेंगे

प्रशासन ने निशुल्क दवा वितरण केन्द्र में संविदा पर कार्यरत अशोक लेघा को हटा दिया है। उस पर मरीजों के सैंपल बाहर भेजने में सहयोग करने का आरोप है। नर्सिंग कार्मिक चेतन को वार्ड से हटा कर नॉन क्लीनिकल जगह पर बैठा दिया गया है।
संभागीय आयुक्त की बैठक में होगा फैसला

शनिवार को संभागीय आयुक्त अस्पताल के सभी विभागाध्यक्षों की बैठक लेंगे। इसमें आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मरीजों के परिजनों से जांच शुल्क के नाम पर वसूले गए 500-500 रुपए वापस दिलाए जाएंगे। लैब के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को बोला जाएगा। – डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल

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