इन बिंदुओं पर की सख्ती – स्कूल बस का रंग सुनहरा पीला होगा, जिसके आगे व पीछे स्कूल बस लिखा होगा। अनुबंधित बस, ऑटो रिक्शा पर ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा होगा। वैन एवं कैब के पीछे व किनारे 150 मिमी चौड़ाई में सुनहरे पीले रंग की क्षैतिज पट्टी में बाल वाहिनी स्पष्ट रूप से अंकित होगा। ऐसी बस, वैन, कैब और ऑटो के पीछे विद्यालय का नाम व फोन नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा। ताकि आपात स्थिति में अथवा चालक द्वारा लापरवाही करने की दशा में सूचित किया जा सके। बस के अंदर भी ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, पता, लाइसेंस नंबर, बैज नंबर, यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर तथा वाहन का पंजीयन क्रमांक प्रदर्शित किया जाएगा। बाल वाहिनियों में कैमरे लगाने, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र तथा सुझाव पेटिका की व्यवस्था करनी होगी। छोटे बालकों को बैठाने, उतरने एवं चढ़ने के वक्त विशेष ध्यान रखना होगा। बस चलाते समय मोबाइल पर बात और धूम्रपान पर पाबंदी रहेगी।
निजी शिक्षण संस्था संचालकों को भेजा आदेश मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों तथा निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों को इस संबंध में आदेश भेज दिया है। इसमें साफ कहा गया है कि बालवाहिनी के संबंध में विद्यार्थियों के सुरक्षा दृष्टिकोण से किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। – डॉ. रामगोपाल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय)