वीक्षकों ने बुधवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर मानदेय का भुगतान करवाने की मांग की है। ज्ञापन में लिखा कि बीएजेएम महाविद्यालय में कोटा विश्वविद्यालय की परीक्षा लेने के लिए 30 बाह्य वीक्षक लगाए थे। वीक्षकों ने वर्ष 2022 व वर्ष 2023 में वीक्षक का कार्य किया था। विश्वविद्यालय ने दोनों सत्रों का परीक्षा खर्चे का भुगतान महाविद्यालय के खाते में डाल दिया। महाविद्यालय द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा। ज्ञापन देने में वालों में रमेशकुमार मीणा, मनोजकुमार वर्मा, तारिक अनवर, मुजीब रहमान, दीपेश गौतम, रुकमणी शर्मा, योगिता महावर, अवधेश चौधरी सहित अन्य वीक्षक शामिल थे।
बीएजेएम राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य सोभागमल मीणा ने बताया कि कोटा यूनिवर्सिटी से राशि के मामले में जानकारी ली तो बताया गया कि राशि भेजी जा चुकी है। जांच की तो राशि महाविद्यालय के स्ववित्तपोषी रहने के समय से खुले हुए प्राचार्य बीएजेएम स्ववित्तपोषी महाविद्यालय वाले खाते में जमा मिली। राशि खाते में सुरक्षित है। महाविद्यालय के सरकारी हो जाने से उस समय के प्राचार्य को पद मुक्त किया जा चुका है। ऐसे में राशि को कौन निकलवाए, जिससे स्थिति पेचीदा हो गई। वर्ष 2022 व 23 में हुई परीक्षाओं में लगाए वीक्षकों का रिकार्ड भी गायब है। मामले की रिपोर्ट आयुक्तालय को भेजकर मार्गदर्शन मांगा है।