CG News: कठोर कार्रवाई की मांग
मिली जानकारी के अनुसार नीतीश धुर्वा, जो जिनिप्पा गांव का रहने वाला था, दुगईगुड़ा पोर्टाकेबिन में कक्षा तीसरी में पढ़ता था। परिजनों के अनुसार नीतीश की तबीयत कई दिनों से खराब थी। 29 मार्च को पोर्टकेबिन के चपरासी ने फोन कर परिजनों को बच्चे के बीमार होने की सूचना दी थी, जिसके बाद परिजन उसे अपने साथ ले गए थे। दो दिन बाद, नीतीश की उसके गांव जिनिप्पा में मौत हो गई। CG News: सूत्रों की माने तो छात्र नीतीश की मौत के बाद अधीक्षक को पता चला कि छात्र पोर्टकेबिन से गायब है। छात्र की मौत की सूचना के बाद उसे उपस्थिति पंजी से गैरहाजिर किया गया। परिजनों ने नीतीश की मौत के लिए अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराया है और जिला प्रशासन से उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कमलदास झाड़ी, डीएमसी समग्र शिक्षा: छात्र की मौत की सूचना के बाद दो एपीसी और उसूर बीआरसी की तीन सदस्यों की जांच टीम भेजी गई है। विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। डॉ उमेश ठाकुर, बीएमओ उसूर: जनवरी महीने में पोर्टा केबिन में छात्रों की स्वास्थ्य जांच की गई थी तथा बीमार छात्रों को उपचारित भी किया गया था। छात्र के बीमार होने की सूचना हमें नहीं मिली थी।