क्या पडे़गा प्रभाव?
अब प्रदेश सरकार ने उप प्रधानाचार्य पद को डाइंग कैडर घोषित कर वरिष्ठ व्याख्याता पद सृजित किया है, जिसका विवरण जारी होना बाकी है, लेकिन संभावना है कि इसके लिए नवीन पद सृजित ना करते हुए व्याख्याता के स्वीकृत पदों में से ही वरिष्ठ व्याख्याता बनाए जाएंगे। यदि ऐसा किया जाता है तो इस प्रकार उप प्रधानाचार्य पद सृजित होने से जो पद बढे थे, वो पद समाप्त होने से स्कूल शिक्षा के कुल पद घटने तय हैं। उप प्राचार्य पद को डाइंग कर वरिष्ठ व्याख्याता के पद सर्जन के निर्णय का संगठन विरोध करता है। व्याख्याता की पदोन्नति व्याख्याता से प्राचार्य पद पर होनी चाहिए। विषय विशेष की बजाय सामान्य का प्रधानाचार्य का पद सृजित किया जाना चाहिए। इसको लेकर आन्दोलन किया जाएगा।
— गिरधारी गोदारा, प्रदेश अध्यक्ष, रेसला व्याख्याता को यह है नुकसान
उप प्रधानाचार्य पद समाप्त होने से व्याख्याताओं को आर्थिक लाभ होना था, किन्तु वरिष्ठ व्याख्याता पद सृजित करने से वह भी नहीं मिल पाएगा। व्याख्याता पद वेतन लेवल-12 का है। व्याख्याताओं को 9 वर्ष बाद मिलने वाली एमएसीपी उप प्रधानाचार्य या वरिष्ठ व्याख्याता पद के रहते लेवल-14 के लिए मिलेगी, जबकि केवल उप प्रधानाचार्य पद समाप्त किया जाता तो एमएसीपी में वेतन लेवल-15 का मिलता।