scriptएमपी के 17 गांवों को सरकार देगी 60% विकसित भूखंड, फिर बनेगा ‘इकोनॉमिक कॉरिडोर’ | 'Economic Corridor' will be built in MP, farmers of 17 villages will get 50% developed plots | Patrika News
इंदौर

एमपी के 17 गांवों को सरकार देगी 60% विकसित भूखंड, फिर बनेगा ‘इकोनॉमिक कॉरिडोर’

Mp new: पीथमपुर से इंदौर एयरपोर्ट के बीच बनने वाले इकोनॉमिक कॉरिडोर का रास्ता साफ हो गया है।

इंदौरMar 28, 2025 / 04:24 pm

Astha Awasthi

Economic Corridor

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Mp new: एमपी में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और अहिल्या पथ को मिलाकर 40 किमी का नया कॉरिडोर बनने जा रहा है, जो पीथमपुर से सीधे उज्जैन रोड को जोड़ेगा। इकोनॉमिक कॉरिडोर के जमीन अधिग्रहण पर सरकार किसानों को 60 फीसदी विकसित भूखंड देगी, लेकिन यह पॉलिसी अहिल्या पथ योजना पर लागू नहीं होगी। किसानों को 50 फीसदी ही विकसित भूखंड मिलेंगे।
पीथमपुर से इंदौर एयरपोर्ट के बीच बनने वाले इकोनॉमिक कॉरिडोर का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिग्रहित जमीन के एवज में 60 फीसदी विकसित भूखंड देने का फैसला किया है, जिससे किसान खुश हैं। सरकार के इस फैसले के बाद इकोनॉमिक कॉरिडोर से लगे अहिल्या पथ में जमीन देने वाले किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें भी 60 फीसदी विकसित भूखंड मिलेंगे, लेकिन आइडीए ने इससे इनकार कर दिया है।

ज्यादा विकसित प्लॉट दिया जाए….

संभागायुक्त व आइडीए अध्यक्ष दीपक सिंह का कहना है कि आइडीए आवासीय व व्यावसायिक निर्माण करता है, जिसमें रोड व सार्वजनिक क्षेत्र में बड़ा क्षेत्र चला जाता है और विकसित क्षेत्र कम मिलता है। औद्योगिक विकास होता है तो सड़क कम होने से विकसित प्लॉट बड़ा रहता है। जब उद्योग विभाग पॉलिसी बना रहा था, तब यह बात सामने आई थी कि विकसित एरिया ज्यादा निकल रहा है। इस पर हमने ही सुझाव दिया था कि ज्यादा विकसित प्लॉट दिया जाए।

40 किमी लंबा होगा कॉरिडोर

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट पीथमपुर सेक्टर 7 से शुरू होगा, जो 19.4 किमी लंबा होगा और एयरपोर्ट के पीछे ग्राम रिंजलाय तक पहुंचेगा। यहां इसका अहिल्या पथ से कनेक्शन होगा। रिंजलाय से उज्जैन रोड के रेवती के बीच 15 किमी निर्माण होगा। दोनों सड़क 75 मीटर चौड़ी होगी। दोनों तरफ 300-300 मीटर जमीन ली जाएगी।
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जानिए क्या है दोनों प्रोजेक्ट में समानताएं

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर

लंबाई – 19.4 किमी
क्षेत्रफल – 1290.74 हेक्टेयर
लागत – 2124.80 करोड़
गांव – टीही, धन्नड़, भैसलाय, सोनवाय, डेहरी, बागोदा, मोकलाय, नरलाय, शिवखेड़ा, सिंदौड़ी, सिंदौड़ा, श्रीराम तलावली, नावदा पंथ, बिसनावदा, रिंजलाय, नैनोद, कोर्डियाबर्डी।

यह होगा उपयोग : एमपीआइडीसी की योजना के अनुसार, एक सेक्टर-एक लैंड यूज पैटर्न होगा। इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और रेसीडेंशियल प्लॉट निकाले जाएंगे। कॉरिडोर पर फिनटेक सिटी, दलाल स्ट्रीट, आइटी हब भी तैयार किया जाएगा। कन्वेंशन सेंटर और होटल्स के भी बड़े प्लॉट निकाले जाएंगे।

अहिल्या पथ

लंबाई – 15 किमी
क्षेत्रफल – 1400 हेक्टेयर
लागत – 400 करोड़

गांव – नैनोद, रिजलाय, बुड़ानिया, बड़ा बांगड़दा, पालाखेड़ी, लिम्बोदा गारी, भरदरी व रेवती।

यह होगा उपयोग : अहिल्या पथ में पांच योजनाएं बनाई जाएंगी। पालाखेड़ी व बुढ़ानिया की 214 हेक्टेयर पर फिनटेक सिटी तैयार होगी। इसमें क्लस्टर बेस्ड डेवलपमेंट कर फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी संस्थाओं को जमीन दी जाएगी। हाई पैकेज वाले कर्मचारियों के लिए आसपास ही आशियाना तैयार करेंगे। एपी 4 में गोल्फ सिटी 566 हेक्टेयर में प्रस्तावित है। 18 होल गोल्फ कोर्स को तीन जोन और 12 क्लस्टर में विकसित किया जाएगा।

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