डेढ़ दशक पहले आइडीए ने सुपर कॉरिडो(Super Corridor) का निर्माण किया था, जिस पर जल्द ही मेट्रो ट्रेन चलने वाली है। हालांकि क्षेत्र में टीसीएस और इंफोसिस के अलावा कोई बड़ी कम्पनी, बड़ा निर्माण व बसाहट नहीं है, लेकिन अब बदलाव नजर आने वाला है। पिछले कुछ समय में कॉरिडोर के बड़े प्लॉट धारकों ने खासी रुचि दिखाई है। उन्होंने टीएंडसीपी से हाई राइज बिल्डिंग के नक्शे पास कराए हैं। पिछले दिनों आइडीए ने जब सूची निकली तो 31 का आंकड़ा सामने आया। इसमें से कई जगहों पर काम शुरू हो गया है, जिसमें ताज जैसी बड़ी होटल के लिए तैयार होने वाली बिल्डिंग भी शामिल है।
अस्पताल भी होगा तैयार
टीएंडसीपी ने सुपर कॉरिडोर(Super Corridor) की योजना 139, 151, 166, 169 ए और बी में करीब 31 नक्शे पास किए हैं। उसमें दो-चार का तो रिन्युअल किया गया। पास नक्शों में अस्पताल के अलावा अधिकांश हाई राइज बिल्डिंग्स हैं तो आइएसबीटी के भी दो नक्शे हैं।स्टार्टअप पार्क व कन्वेंशन सेंटर से चमन होगा क्षेत्र
भोपाल की जीआइएस(GIS) में आइडीए ने 28 बड़े प्लॉट निवेशकों के सामने रखे थे, जिसमें 23 सुपर कॉरिडोर के थे। इसके अलावा पीपीपी मॉडल पर स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर बनाने का प्रेजेंटेशन रखा, बड़ी संख्या में निवेशकों ने रुचि भी दिखाई।अधूरे काम हो रहे पूरे
सुपर कॉरिडोर(Super Corridor) के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए आइडीए ने प्लान तैयार किया है, जिसमें 126 करोड़ रुपए खर्च होंगे। क्षेत्र में कुल 61.69 किमी सड़क बननी थी, जिसमें से 55.03 ही बन पाई। बची 8.66 किमी सड़क को बनाया जा रहा है। कुछ चौराहों का निर्माण होगा तो नर्मदा की लाइन डाली जाएगी।सुपर कॉरिडोर(Super Corridor) के विकास और वस्तुस्थिति की जानकारी निकाली गई थी। टीएंडसीपी से 31 नक्शे पास हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश बहुमंजिला भवन के हैं। जीआइएस में 23 प्लॉट के साथ पीपीपी मॉडल पर स्टार्टअप पार्क व कन्वेंशन सेंटर को बनाने का प्रपोजल रखा गया था, जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला है। -आरपी अहिरवार, सीईओ आइडीए