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जैसलमेर

चक आबादियों में बढ़ते संदिग्ध, सुरक्षा पर सवाल

सरहदी जैसलमेर जिले में सुरक्षा तंत्र की ढिलाई अब चिंता का सबब बनती जा रही है। करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले इस सीमांत जिले में आबादी घनत्व मात्र 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।

जैसलमेरApr 04, 2025 / 08:18 pm

Deepak Vyas

jsm
सरहदी जैसलमेर जिले में सुरक्षा तंत्र की ढिलाई अब चिंता का सबब बनती जा रही है। करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले इस सीमांत जिले में आबादी घनत्व मात्र 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। खासकर नहरी क्षेत्र व उपनिवेशन तहसीलों की छितराई चक आबादियों में संदिग्ध लोगों की मौजूदगी का बढऩा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में बिना नंबर के वाहन रोजाना घूमते देखे जा रहे हैं, जिनमें चोरी के वाहन होने की आशंका भी जताई जा रही है। जानकारों के अनुसार चक आबादियों में संदिग्ध गतिविधियों से इनकार नहीं किया जा सकता। यहां रात्रि गश्त, सत्यापन अभियान और सर्च ऑपरेशन नाममात्र ही हो पा रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के आठ थाना क्षेत्र च्प्रतिबंधितज् घोषित हैं, जहां बिना अनुमति प्रवेश वर्जित है। यहां आने-जाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार, संबंधित थाना या एसपी स्तर से सत्यापन जरूरी है। इसके बावजूद इन इलाकों में बाहरी लोगों की अनियंत्रित आवाजाही देखी जा रही है, जो सीधे कानून की अवहेलना है।

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2008 के बाद बने थे कड़े कानून

गौरतलब है कि वर्ष 2008 में बॉर्डर को बेचने के प्रकरण के बाद सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में प्रवेश के लिए क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट 1996 को सख्ती से लागू किया गया था। लेकिन आज स्थिति यह है कि न तो प्रवेश अनुमति की निगरानी हो रही है और न ही संदिग्धों की पड़ताल।

फैक्ट फ़ाइल

  • 470 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसलमेर से लगती है
    -350 गांव ऐसे, जहां प्रवेश के लिए अनुमति जरूरी
-8 थाना क्षेत्र प्रतिबंधित श्रेणी में
स्थानीय लोग नहरी क्षेत्रों में मजदूरी, कृषि व पशुपालन से जुड़े

नाकाबंदी करते हैं, कर रहे जागरूक भी

नहरी क्षेत्र में आबादी चकों में बंटी हुई है। यहां पुलिस की ओर से नाकाबंदी की जाती है। नाकाबंदी के दौरान वाहन चालकों व स्थानीय निवासियों को किसी भी घटना या संदिग्ध की सूचना देने के लिए जागरूक किया जाता है। सीएली सदस्यों, पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, मुखबिर की सूचना के माध्यम से क्षेत्र की निगरानी करने का प्रयास किया जाता है।
— नरेंद्र पंवार, थानाधिकारी, पुलिस थाना पीटीएम

बीट कांस्टेबल करते हैं पूछताछ

सीमावर्ती क्षेत्र में अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के लिए बीट कांस्टेबल नियुक्त करके रखा है वह अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों से पूछताछ करता है।
-गजेंद्रसिंह चम्पावत, पुलिस उप अधीक्षक, नाचना

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