रामनवमी के दिन विशेषकर महिलाएं राम जैसे पुत्र की कामना के साथ अनंतराम की गूदड़ी के सामने धागा बांधती हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर पुन: आकर प्रसाद चढ़ाती हैं। यह आस्था वर्षों से अटूट बनी हुई है। राम जन्मोत्सव के दिन सुबह यज्ञ का आयोजन होता है, जिसे गंगाशंकर शास्त्री के परिवार की ओर से संपन्न कराया जाएगा। यज्ञ की पूर्णाहुति पूर्व राजघराने के चेतन्यराजसिंह की उपस्थिति में होगी। सायंकालीन आरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। इस वर्ष भोजन प्रसादी की सेवा रूपसी के खेतसिंह भाटी के परिवार दकी ओर से की जा रही है।