8th Board Exam 2025: बोर्ड परीक्षा बनी मजाक, घंटों परेशान रहे छात्र
सुबह 9 बजे से शुरू हुई परीक्षा के दौरान जब छात्रों को प्रश्नपत्र मिले, तो वे हैरान रह गए। विज्ञान विषय के 80 अंकों वाले प्रश्नपत्र में 20 में से 09 प्रश्न सामाजिक विज्ञान के थे। कुछ छात्र अनिश्चितता के बावजूद उत्तर लिखने लगे, जबकि कई पूरी तरह असमंजस में पड़ गए। ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों ने जब
प्रश्नपत्रों की जांच की, तो इस गंभीर गलती की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी गई।
आनन-फानन में शिक्षा विभाग ने नया प्रश्नपत्र तैयार कर उसे व्हाट्सएप के माध्यम से स्कूलों को भेजा, लेकिन तब तक परीक्षा का आधा समय समाप्त हो चुका था। शिक्षकों ने हाथ से सही प्रश्न लिखकर छात्रों को उपलब्ध कराए, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
छात्रों और अभिभावकों ने की बोनस अंक की मांग
इस लापरवाही से हजारों छात्रों की मेहनत प्रभावित हुई।
विज्ञान की तैयारी कर परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को सामाजिक विज्ञान के प्रश्न हल करने पड़े, जिससे उनका समय बर्बाद हुआ। कई छात्रों ने उत्तर लिखने का प्रयास किया, जबकि कई ने प्रश्न छोड़ दिए। छात्रों और अभिभावकों ने इस त्रुटि के खिलाफ आवाज उठाई और परीक्षा में बोनस अंक देने की मांग की है। साथ ही, दोषियों पर कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की जा रही है।
लापरवाही पर उठे बड़े सवाल
क्या बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र छापने से पहले उनकी जांच नहीं की गई थी? क्या अब बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाएंगे? क्या इससे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित नहीं हुई? इस गलती के लिए कौन जिम्मेदार है और क्या दोषियों पर कोई कार्रवाई होगी?
जिला शिक्षा अधिकारी का जवाब
8th Board Exam 2025: जब इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) श्रीमती भारती प्रधान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन पर जानकारी देने से इनकार कर दिया और संबंधित व्यक्तियों को कार्यालय में आकर मिलने को कहा। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।