‘सपा दलितों का उत्पीड़न न कराए’
मायावती ने शुक्रवार सुबह एक्स पर दो पोस्ट किए। पहली पोस्ट में मायावती ने कहा, “आगरा की हुई घटना के साथ-साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव को इनकी सरकार में 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड में इस पार्टी द्वारा मेरे ऊपर कराया गया जानलेवा हमला भी इनको जरूर याद कर लेना चाहिए तथा इसका पश्चाताप भी जरूर करना चाहिए।” उन्होंने दूसरी पोस्ट में कहा, “अतः आगरा घटना की आड़ में अब सपा अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना बंद करे और आगरा की हुई घटना की तरह यहां दलितों का उत्पीड़न और ज्यादा न कराए।”
‘सपा की घिनौनी राजनीति से दलितों को सावधान रहना चाहिए’
मायावती ने गुरुवार को भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “सपा अपने राजनीतिक लाभ के लिए अपने दलित नेताओं को आगे करके जो घिनौनी राजनीति कर रही है अर्थात उनको नुकसान पहुंचाने में लगी है, यह उचित नहीं। दलितों को इनके सभी हथकंडों से सावधान रहना चाहिए। आगरा की हुई घटना अति चिंताजनक है।”
उन्होंने कहा था, “साथ ही, सपा को अपने स्वार्थ में किसी भी समुदाय का अपमान करना ठीक नहीं, जिसके तहत अब इनको किसी समुदाय में दुर्गंध व किसी में सुगंध आ रही है। इससे समाज में अमन-चैन व सौहार्द बिगड़ेगा, जो ठीक नहीं।”