mp news: मध्यप्रदेश के मंदसौर में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब शहर के एक नामी डॉक्टर को राजस्थान के प्रतापगढ़ से आई नारकोटिक्स की टीम बीच रास्ते से पकड़कर अपने साथ ले गई। जैसे ही जनप्रतिनिधियों और डॉक्टर के समाजजन को इस बात का पता चला तो वो तुरंत एसपी के पास पहुंचे। जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयासों से कुछ घंटों बाद डॉक्टर को प्रतापगढ़ नारकोटिक्स विभाग की टीम से छुड़ाकर वापस मंदसौर लाया गया।
मंदसौर शहर के नामी डॉक्टर डीडी संगतानी बुधवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी पत्नी व पड़ोसी के साथ अपनी कार से नालछा माता मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे। रास्ते में आंबेडकर चौराहे पर दो कार से राजस्थान के प्रतापगढ़ से नारकोटिक्स विभाग की टीम ने उनकी कार को रुकवाया और डॉ संगतानी की पत्नी और पडोसी को कार से नीचे उतरवाकर डॉ. संगतानी को अपने साथ कार सहित प्रतापगढ़ ले गई। इधर तुरंत डॉ. संतनानी की पत्नी ने समाजजनों और परिचितों को इस बात की सूचना दी।
डॉ. पत्नी के सूचना देते ही समाज के लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए और सीधे एसपी ऑफिस पहुंचे। जहां एसपी अभिषेक आनंद को पूरी जानकारी दी। इसी बीच सांसद सुधीर गुप्ता, भाजपा प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, चित्तौडगढ़ सांसद सहित राजस्थान के अन्य जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों हस्तक्षेप के बाद समाज के लोग वाहनों से यूपी के प्रतापगढ़ के लिए निकले लेकिन उन्हें रास्ते में ही हतुनिया पुलिस ने रोक दिया इसके बाद फिर जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया तब कहीं समाजजन प्रतापगढ़ पहुंचे और नारकोटिक्स ऑफिस पहुंचकर अफसरों को पूरी बात बताई। उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से हुई चर्चा के बाद टीम ने डॉ. संगतानी को छोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि डॉ. संगतानी का अपने दामाद से काफी समय से विवाद चल रहा है और आठ से दस मामले में भी चल रहे हैं। षड़यंत्र के तहत डॉ. संगतानी को फर्जी एमडी ड्रग्स तस्करी के केस में फंसाने की साजिश की गई थी। एसपी अभिषेक आनंद ने कहा कि शंका के आधार प्रतापगढ़ सीबीएन की टीम पूछताछ के लिए डॉ संगतानी को ले गई थी। सूचना गलत पाई गई इसलिए पूछताछ कर छोड़ दिया गया है। डॉक्टर संगतानी आवेदन देगें उसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।