देवबंद का ये परिवार रह रहा था मुजफ्फरनगर में
सहारनपुर के देवबंद का रहने वाला ये परिवार इन दिनों मुजफ्फरनगर के बघरा में रहता है। इस परिवार के सभी दस सदस्यों ने करीब 50 साल बाद अपने घर वापसी की है। बघरा आश्रम में परिवार के सदस्यों ने पूजा-अर्चना के साथ विधि-विधान से हिंदू धर्म अपना लिया। इस परिवार की सना को सोनिया और अरमान को अमित नाम दिया गया। पीठाधीश्वर यशवीर महाराज ने परिवार की घर वापसी पर कहा है कि इस परिवार ने मजबूरी में इस्लाम धर्म स्वीकार किया था।
बघरा के एक आश्रम में हुआ नामकरण
यह सब गुरुवार को हुआ। बघरा में योग साधना के नाम से यशवीर महाराज का आश्रम है। देवबंद का रहने वाले एक मुस्लिम परिवार के दस सदस्य गुरुवार को इस आश्रम में पहुंचे। इन सभी सदस्यों का यज्ञ से शुद्धिकरण कराया गया। यशवीर महाराज ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने आश्रम में पहुंचकर घर वापसी की इच्छा जताई। इस पर आचार्य मृगेंद्र ब्रह्मचारी ने वेद के पवित्र मंत्रों से शुद्धिकरण करके यज्ञ संपन्न कराया। इस दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ शुद्धिकरण कराया और यज्ञ में शामिल होकर सनातन धर्म में घर वापसी की।
50 साल पहले जोड़ लिया था इस्लाम से नाता
यशवीर महाराज ने बताया कि परिवार के मुखिया ने करीब 50 वर्ष पूर्व किन्ही कारणों से सनातन धर्म छोड़कर इस्लाम मजहब से नाता जोड़ लिया था। इस बार ईद मनाते ही सनातन धर्म में घर वापसी करने ईरादा इस परिवार ने किया और संकल्प लेकर सनातन धर्म में घर वापसी कर ली। घार वापसी के बाद परिवार ने इस्लामिक नाम त्याग दिए और सभी सदस्यों का नया नामकरण हुआ।
सना हो गई सानिया और इस्लाम को नया नाम मिला विक्रम
अब इन नामों से पहचाने जाएंगे परिवार के सदस्य फैमिदा अब राजकुमारी कश्यप हो गई हैं। रेशमा का नया नाम पूजा हो गया है। पलक अब सविता कहलाई जाएंगी। महक का नाम भी अब कविता हो गया है। दिलजान अब बृजेश कश्यप हो गए हैं तो आलिया को नया नाम पायल मिला है। सना अब हो गई हैं सोनिया और खुशनुमा का नया नाम हुआ साधना इसी तरह से अरमान अब हो गए हैं अमित कश्यप और इस्लाम बन गए हैं विक्रम सिंह।