सीट बंटवारे को लेकर क्या बोली बीजेपी
राजेश कुमार ने कहा, “कांग्रेस बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। बिहार में यह गठबंधन मजबूत और एकजुट है। हमारा मुख्य लक्ष्य भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को हराना है, क्योंकि बिहार में भाजपा हमारी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी है।” हालांकि, जब उनसे सीट बंटवारे के फॉर्मूले के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सावधानी बरतते हुए कहा, “अभी सीट बंटवारे पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, हमारे नेता आपस में बैठकर इस पर फैसला लेंगे।” उनकी यह टिप्पणी दर्शाती है कि गठबंधन के भीतर अभी इस मुद्दे पर सहमति बनना बाकी है।
क्या तेजस्वी यादव होंगे सीएम फेस?
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया है। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि इस पर अंतिम फैसला सभी गठबंधन सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही होगा। कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा, “मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम गठबंधन के सहयोगियों के साथ बैठक के बाद तय किया जाएगा। यह कोई एकतरफा फैसला नहीं होगा।” इससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी स्थिति मजबूत रखना चाहती है और जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती। प्रशांत किशोर की ‘इंडिया’ ब्लॉक में होगी एंट्री?
जब बात प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को ‘इंडिया’ ब्लॉक में शामिल करने की संभावना पर आई, तो अल्लावरु ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा, “इस बारे में कोई फैसला उचित चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। हम इस पर बैठकर बात करेंगे।” उनका यह बयान प्रशांत किशोर के गठबंधन में शामिल होने की अटकलों को लेकर अनिश्चितता को दर्शाता है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रशांत किशोर के बीच हाल ही में हुई मुलाकात ने इन चर्चाओं को हवा दी है। किशोर, जो पहले कांग्रेस के लिए रणनीति बना चुके हैं, अब अपनी पार्टी के साथ बिहार में एक नई सियासी जमीन तलाश रहे हैं। लेकिन उनके ‘इंडिया’ ब्लॉक का हिस्सा बनने पर अभी कोई ठोस संकेत नहीं मिला है।
क्या होगा पप्पू यादवा का?
इस बीच, पप्पू यादव जैसे नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठे। अल्लावरु ने कहा, “‘इंडिया’ गठबंधन उन सभी के साथ है जो भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं।” यह बयान गठबंधन के दरवाजे खुले रखने की ओर इशारा करता है। बैठक में बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता जैसे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह, पूर्व मंत्री रामजतन सिन्हा और शकील अहमद भी शामिल हुए, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई। बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह बैठक कांग्रेस की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। लेकिन प्रशांत किशोर का रुख और सीट बंटवारे का फॉर्मूला अभी भी सवालों के घेरे में है। आने वाले दिन इस बात का खुलासा करेंगे कि क्या किशोर ‘इंडिया’ ब्लॉक का हिस्सा बनेंगे या अपनी अलग राह चुनेंगे।