गडकरी ने दिया ने दिया लिखित में जवाब
गडकरी ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी है। बेनीवाल ने निर्माण लागत वसूलने के बावजूद टोल वसूली जारी रखने के साथ खस्ताहाल सडक़ों पर टोल वसूली के औचित्य के बारे में सवाल पूछा था। लिखित जवाब में बताया गया कि नेशनल हाइवे पर टोल वसूली नियमों के तहत होती है। जो थोक मूल्य सूचकांक से अनुक्रमित नेशनल हाइवे की प्रति किलोमीटर आधार दर पर तय होती है।टोल वसूली बड़ा मुद्दा
जयपुर से दिल्ली हाइवे के दो खंड है। गुडग़ांव-कोटपुतली-जयपुर खंड पर ज्यादा वसूली हुई है। जबकि इसके मुकाबले गुडग़ांव-दिल्ली पर टोली वसूली कम है। टोल शुल्क में छूट नहीं दी जाती है, जिसकी वजह से इसकी निर्माण लागत से तुलना नहीं की जा सकती है। देश में भले ही हाइवे का जाल तेजी से फैल रहा हो, लेकिन टोल वसूली का मुद्दा भी बना हुआ है। हाइवे निर्माण की लागत निकलने के बाद भी टोल वसूली जारी रहने पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।सबसे ज्यादा टोल वाला प्रदेश है राजस्थान
देश के नेशनल हाइवों पर 1063 टोल नाके हैं, जिनमें से अकेले राजस्थान में 163 टोल नाके हैं। यह किसी भी राज्य में सर्वाधिक है। इसके अलावा जयपुर-दिल्ली हाइवे पर स्थित शाहजहांपुर टोल नाका देश के सर्वाधिक टोल वसूली वाले नाकों में शुमार है।नेशनल हाइवे खंड—टोल वसूली— लागत-रखरखाव खर्च
गुडग़ांव-कोटपुतली-जयपुर 9218.30— 6430 दिल्ली-गुडग़ांव 2727.50 — 2489.45
14 टोल प्लाजा एजेंसियों पर प्रतिबंध, 100 करोड़ जब्त
नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल वसूली में गड़बडि़याें और अनुबंध शर्तों के उल्लंघन पर 14 टोल प्लाजा एजेंसियों पर प्रतिबंध लगा दिया है और उनकी 100 करोड़ रुपए अमानत राशि जब्त कर ली है।