आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने आगे कहा “मैं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से पूछना चाहती हूं कि क्या योगी जी आपकी सहमति के साथ एक बोतल पर एक शराब की बोतल फ्री दे रहे हैं? तीसरी बात अगर सहमति के साथ नहीं कर रहे तो क्या भाजपा सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेगी? भाजपा ने तो कहा था कि एक बोतल शराब के साथ एक बोतल फ्री देने का मतलब है भ्रष्टाचार। इसका मतलब है कि यूपी में बहुत बड़ी धांधली हुई है। योगी जी के ऑफिस में कब सीबीआई की रेड पड़ेगी। ईडी की छापेमारी होगी। ये हम भारतीय जनता पार्टी से जानना चाहते हैं।”
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के
सांसद संजय सिंह ने लिखा “योगी जी के राज में शराब पर बम्पर ऑफर। यूपी में एक के बदले एक शराब की बोतल फ्री मिल रही है। ये है असली शराब घोटाला, लेकिन चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ है। सारे TV चैनल “गजनी मोड” में हैं। RSS और BJP के नेता इस पर खामोश हैं। 29 मार्च को यूपी के सभी जिलों में AAP का आंदोलन होगा।”
यूपी में क्यों फ्री मिल रही एक के साथ दूसरी शराब की बाेतल?
आम आदमी पार्टी ने जिस बात को मुद्दा बनाया है। उसके बारे में अब जानकारी भी ले लीजिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ज्यादातर वीडियो दिल्ली से सटे एनसीआर में आने वाले शहरों के हैं। इसमें नोएडा, मुजफ्फरनगर, मेरठ जैसी जगहों पर कई शराब की दुकानों पर ऑफर चल रहा है। जिसमें एक बोतल शराब के साथ दूसरी बोतल फ्री दी जा रही है। इसी के चलते शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। शराब प्रेमी जल्दी के चक्कर में धक्का मुक्की करते भी नजर आते हैं। लोग कई महीने का कोटा फुल करने के चक्कर में मारमारी करते दिखाई देते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सालाना लाइसेंस है। दरअसल, यूपी में पिछले दिनों शराब की दुकानों का ई-लॉटरी सिस्टम से आवंटन किया गया था। इस दौरान एनसीआर के कई जिलों में शराब की दुकानें चला रहे संचालकों को इसमें मौका नहीं मिला। इसके साथ ही 31 मार्च को आबकारी विभाग के सालाना लाइसेंस की अवधि भी समाप्त हो रही है। ऐसे में सभी दुकान संचालकों को 31 मार्च से पहले अपनी दुकान में जमा स्टॉक खत्म करना होगा। इसलिए इन दुकान संचालकों ने एक बोतल शराब पर दूसरी फ्री का ऑफर दिया है। ऐसे में लोग इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए जमकर शराब की खरीदारी कर रहे हैं।