आतिशी ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया “भाजपा की दिल्ली सरकार ने दिल्ली विधानसभा में बजट पेश किया। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता वित्त मंत्री भी है। उन्होंने अपने बजट को ऐतिहासिक बताया, क्योंकि पहली बार दिल्ली विधानसभा में एक लाख करोड़ का बजट पेश किया गया। दरअसल, ये बजट ऐतिहासिक इसलिए नहीं है कि ये बजट दिल्ली का सबसे बड़ा बजट है। भाजपा का बजट ऐतिहासिक इसलिए है, क्योंकि ये आजतक दिल्ली के इतिहास में सबसे झूठा बजट है। मैंने बजट सत्र के दौरान अपने संबोधन में सिलसिलेवार तरीके से समझाया कि किस तरह से दिल्ली सरकार के पास एक लाख करोड़ की आय न है। न हो सकती है।”
आतिशी ने 60 हजार करोड़ रुपये का बताया बजट
आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने आगे कहा “अगर टैक्स के आंकड़े देखें तो जितने आंकड़े बजट में दिए हैं। उससे पांच हजार करोड़ रुपये कम टैक्स आएगा। दस हजार करोड़ रुपये कम लोन आएगा और केंद्र सरकार ने अभी तक एक भी पैसा बजट में दिल्ली सरकार के लिए नहीं रखा है। मैंने अनुमान लगाया था कि दिल्ली सरकार का बजट वास्तवित तौर पर तकरीबन 78 हजार करोड़ है, लेकिन आज दिल्ली सरकार के जो कागजात सामने आए हैं। उनसे पता चल रहा है कि दिल्ली सरकार के पास एक लाख करोड़ नहीं, बल्कि मात्र 60 हजार करोड़ रुपये हैं।”
आतिशी ने कहा “31 मार्च को दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने सभी विभागों को आदेश जारी किया है। इस आदेश में वित्त विभाग की ओर से अप्रैल महीने में कुल बजट का सिर्फ पांच प्रतिशत खर्च करने की अनुमति दी गई है। इससे पता चलता है कि भाजपा सरकार के जुमले वाले बजट को खर्च करना मना हो गया है। अब अगर हम आंकड़ों पर बात करें तो एक लाख करोड़ का पांच प्रतिशत पांच हजार करोड़ होता है। यानी अगर सरकार एक महीने में पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी तो एक साल में सिर्फ 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च नहीं होंगे। ऐसे में दिल्ली सरकार का बजट सिर्फ 60 हजार करोड़ रुपये का है।” आतिशी ने आगे कहा कि दिल्ली के अफसरों ने ही रेखा सरकार को एक्सपोज कर दिया है।”
वित्त विभाग के आदेश में क्या?
दरअसल, दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के डायरेक्टर डीबी गुप्ता की ओर से दिल्ली सरकार के सभी विभागों के लिए व्यय आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के संसाधनों के साथ व्यय के मानचित्रण और बेहतर नकदी प्रबंधन के लिए अप्रैल 2025 में व्यय को संबंधित बजट शीर्षों के तहत बजट अनुमान 2025-26 में कुल बजट आवंट के पांच प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है।”
वेतन-भत्ते समेत इन मामलों में दी गई छूट
आदेश में आगे कहा गया है “वेतन और भत्ते (बकाया छोड़कर) और मजदूरी पर होने वाले व्यय को अप्रैल 2025 में कैंपिंग प्रावधान के तहत पांच प्रतिशत वाली बाध्यता से छूट दी गई है। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, सुरक्षा और स्वच्छता, बिजली, पानी की आपूर्ति, टेलीफोन, डाक शुल्क, पीओएल और स्टाफ कार के रखरखाव से संबंधित व्यय को भी इस कैंपिंग के तहत छूट दी गई है। संबंधित विभाग के प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष व्यय स्वीकृति जारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृति राशि अप्रैल 2025 के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल आवंटित बजट के पांच प्रतिशत से ज्यादा न हो।”