इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमान रवाना
उद्घाटन उड़ान को नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित समारोह में हरी झंडी दिखाकर दरभंगा के लिए विमान को रवाना किया। इस अवसर पर अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे और उनकी टीम के लोग मौजूद रहे। पहली उड़ान सुबह 9 बजे दिल्ली से रवाना हुई और सुबह 10:55 बजे दरभंगा हवाई अड्डे पर पहुंची। दरभंगा हवाई अड्डे पर आयोजित एक समारोह में अकासा की 11:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होने वाली पहली उड़ान का स्वागत किया गया। इस अवसर पर अकासा एयरलाइंस के सदस्य और हवाई अड्डा प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित थे।
एयर के बढ़ते नेटवर्क में शामिल होने वाला 28वां गंतव्य
दरभंगा अकासा एयर के बढ़ते नेटवर्क में शामिल होने वाला 28वां गंतव्य बन गया है, जो देशभर में मेट्रो शहरों से टियर 2 और टियर 3 शहरों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने की एयरलाइन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने कहा, “हम इस ऐतिहासिक अवसर पर नायडू के समर्थन के लिए आभारी हैं, क्योंकि हमने सफलतापूर्वक बिहार के लिए अपनी पहली उड़ान शुरू की है। दरभंगा में हमारे संचालन की शुरुआत अकासा एयर के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि हम अपने नेटवर्क का विस्तार जारी रखते हुए पूरे भारत में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं।
रीजनल हवाई यात्रा होगी मजबूत
यह नेटवर्क विस्तार रीजनल हवाई यात्रा को मजबूत करने और बिहार में आर्थिक और सामाजिक विकास के नए अवसर खोलने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम दरभंगा के लोगों को अपनी ग्राहक-केंद्रित और कुशल सेवाओं के साथ सेवा देने के लिए उत्सुक हैं।” अकासा एयर के सह-संस्थापक और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी प्रवीण अय्यर ने कहा, “अकासा एयर में हमारा लक्ष्य मेट्रो और उभरते शहरों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है, ताकि यात्रियों को किफायती और विश्वसनीय हवाई यात्रा का लाभ मिल सके। दरभंगा को अपने नेटवर्क में शामिल करते हुए हमें बिहार से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर गर्व है, जो आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह विस्तार भारत के विमानन क्षेत्र को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जहां हम विश्वस्तरीय सेवा, सुविधा और बेहतरीन उड़ान अनुभव प्रदान करना चाहते हैं।”
वर्ष 2025 में तेजी से बढ़ेगा भारतीय विमानन क्षेत्र
वर्ष 2025 में, दो नए हवाई अड्डे – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नोएडा और महाराष्ट्र में नवी मुंबई चालू होने की उम्मीद है। दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर भीड़ कम करने के लिए तैयार दोनों हवाई अड्डों ने सत्यापन उड़ानें पूरी कर ली हैं। वर्ष 2025 में तेजी से बढ़ते भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विलय, विस्तारित होते बेड़े, उड़ानें और हवाई अड्डों की भरमार होगी, हालांकि आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं के काले बादल लंबे समय तक बने रहेंगे। 2025 में तेजी से बढ़ते भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़े विलय, बढ़ते बेड़े, उड़ानों और हवाई अड्डों की झलक देखने को मिलेगी, हालांकि आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं बनी रहेंगी।
भारतीय एयरलाइन के लिए बड़ा अवसर
भारतीय विमानन बाजार के लिए संभावनाएं असाधारण हैं, और आइएटीए का मानना है कि भारतीय एयरलाइनों के लिए बड़ा अवसर है। भारतीय वाहकों के बेड़े में 800 से अधिक विमान हैं, जिनमें 60 से अधिक वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं, और 157 हवाई अड्डे हैं। नई एयरलाइनों की शुरुआत, पायलटों की थकान से निपटने के लिए संशोधित मानदंडों का भविष्य का प्रक्षेपवक्र और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयास एजेंडे में होंगे।
बम की झूठी कॉल, उड़ान संचालन में बाधा
इस बीच, एयरलाइनों को बम की झूठी कॉल आने के कारण 2024 के अंत में उड़ान संचालन में काफी बाधा आई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले अक्टूबर में एयरलाइनों को 666 फर्जी बम धमकियां मिलीं, जबकि इस साल 14 नवंबर तक ऐसी कुल धमकियों की संख्या 999 थी।