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शिक्षकों पर भारी पड़ रही ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना, जेब से चुका दिए लाखों रुपए

सरकारी स्कूलों के लिए ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना की राशि विद्यार्थियों व शिक्षकों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है।

सीकरApr 05, 2025 / 10:19 pm

Sachin

सीकर. सरकारी स्कूलों के लिए ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना की राशि विद्यार्थियों व शिक्षकों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। दरअसल, शिक्षा विभाग ने सत्र 2023 की सितंबर महीने बाद की योजना राशि अब तक जारी नहीं की है। इस सत्र में भी प्रारंभिक शिक्षा की 50 फीसदी राशि बाकी है। ऐसे में अकेले सीकर जिले की ही 9.65 करोड़ की राशि अटकी हुई है। चूंकि जिले मं इसी राशि से बच्चों को वाहन सुविधा उपलब्ध करवाती है। लिहाजा लाखों की लागत वाली ये सुविधा उधारी पर चल रही है तो कहीं शिक्षकों की जेब पर भारी पड़ रही है।

दो सत्रों के 9.65 करोड़ रुपए बकाया

जिले में योजना के तहत सत्र 2023 के 112 दिन की ही राशि प्राप्त हुई है। प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के 126 दिन के करीब 5.95 करोड़ रुपए अब भी बाकी है। इसी तरह मौजूदा सत्र में सैकंडरी स्कूलों की कक्षा नौ व 10 का बजट तो मिल गया, लेकिन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक कक्षाओं की सितंबर बाद की करीब 3.70 करोड़ की राशि अटकी हुई है।

शिक्षकों की जेब से लाखों खर्च…

स्कूलों में नामांकन बनाए रखने के लिए बहुत सी स्कूलों में शिक्षक वाहन सुविधा की राशि अपनी जेब से भर रहे हैं। कई स्कूलों में तो शिक्षक दो से तीन लाख रुपए तक अपनी जेब से दे चुके हैं। कई स्कूल कर्ज लेकर भी वाहन सुविधा संचालित कर रहे हैं। इससे शिक्षकों को दोहरी परेशानी हो रही है।

ये है योजना

ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को एक किलोमीटर से अधिक दूर स्कूल होने पर 10 तथा कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को स्कूल की दूरी दो किलोमीटर से अधिक होने पर 15 रुपए प्रति उपस्थिति के दिए जाते हैं। इसी तरह कक्षा छह से आठ तक स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कल की छात्राओं को भी स्कूल दो किलोमीटर दूर होने पर 15 रुपए तथा कक्षा नवीं व 10 की छात्राओं को पांच किलोमीटर की दूरी पर स्कूल जाने पर 20 रुपए उपस्थिति के हिसाब से दिए जाने का प्रावधान है।
केस:1 खुड़ी शहीद नेमीचंद राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो बाल वाहनी संचालित है। पिछले सत्र के 1.13 लाख सहित अब तक वाहन सुविधा पर स्टाफ यहां तीन लाख रुपए खर्च कर चुका है।
केस:2 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयनागवा में तीन वाहन सुविधा है। तीन वाहन सुविधा वाले स्कूल में स्टाफ करीब दो लाख रुपए खर्च कर चुका है। बकाया राशि नहीं मिलने से शिक्षकों को परेशानी हो़ रही है।

समय पर बजट मिले..

सरकारें स्कूल विकास के लिए योजनाएं बनाएं तो उनके लिए बजट भी समय पर जारी होना चाहिए। ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के दो सत्रों के अधूरे बजट से करीब 400 स्कूलों की वाहन सुविधा उधारी पर या शिक्षकों की जेब के भरोसे चल रही है।
नागरमल गढ़वाल,जिला मंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत

प्रयास जारी है..

ट्रांसपोर्ट योजना का माध्यमिक शिक्षा विभाग का मार्च तक का पूरा बजट जारी हो गया है। प्रारंभिक शिक्षा व पिछले सत्र की बकाया राशि भी जल्द ही स्कूलों को मिल जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास निरंतर जारी है।
विक्रम सिंह शेखावत, एपीसी, समसा, सीकर

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