यह है कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार हवा का तापमान हवा की गति पर निर्भर करता है। तापमान ज्यादा होने पर वातावरण में मौजूद धूल कण तेजी से ऊंचाई तक फैल जाते हैं। यही कारण है कि ज्यादा तापमान का सीधा असर पीएम 2.5 पर पड़ता है। तेज धूप के दौरान पीएम 2.5 का घनत्व बढ़ जाता है। ज्यादा तापमान औऱ पीएम 2.5 के कारण श्वास संबंधी गंभीर समस्या पैदा होती है और फेफड़ों के काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। इसके अलावा गर्मी के दिनों में उत्तरी हवाओं की बजाए उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी हवाएं चलने लगती है। इससे रेगिस्तान और मैदानी इलाकों से आने वाली धूल भरी हवाओं के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।
तारीख- एक्यूआई 16 मार्च- 64 17 मार्च-89 18 मार्च-79 19 मार्च-91 20 मार्च-74 21 मार्च-84 24 मार्च- 113 25 मार्च-125 26 मार्च-139 27 मार्च-128 28 मार्च-162
29 मार्च-167 30 मार्च-156 31 मार्च-163 1 अप्रेल- 136 कई कारण जिम्मेदार गर्मी के सीजन में फसलों की कटाई के दौरान उड़ने वाली धूल के कण वातावरण में ज्यादा दूरी तक तैरते रहते हैं। वाहन और औद्योगिक इकाइयों सहित प्रदूषण बढ़ाने के कारणों और नियंत्रण के लिए नियमित मॉनिटरिंग होती है।
सविता चौधरी, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड